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सीडब्लूसी ने सिरोही में भी डाला था छापा, 90 फीसदी वे ही किशोरियां राजसमंद में मिली

कलक्टर ने दिए थे किसी अन्य जिले के पंजीकृत बालिका गृह में रखने के आदेश16 राज्यों के बाल संरक्षण आयोगों को भेजी सूचनाएं
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सीडब्लूसी ने सिरोही में भी डाला था छापा, 90 फीसदी वे ही किशोरियां राजसमंद में मिली

राजसमंद . शहर की एक होटल से सटे आध्यात्मिक शिक्षा केन्द्र से 67 बालिकाओं को मुक्त करवाने के मामले में शनिवार को नया मोड़ आ गया। जिला बाल कल्याण समिति अध्यक्ष राजनगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाने रिपोर्ट लेकर पहुंची। इसमें किशोरियों को सिरोही से अन्य जिले के पंजीकृत बालिका गृह में शिफ्ट करने सिरोही कलक्टर के आदेश का हवाला है। आदेश की पालना की बजाय राजसमंद में होटल मालिक की मिलीभगत से इन्हें गुपचुप रूप से यहां स्थानांतरित कर दिया गया। बाल कल्याण समिति के सूत्रों ने बताया कि माउंट आबू में राज्य बाल संरक्षण आयोग की टीम ने गत ११ जनवरी को छापामारी की थी। निरीक्षण रिपोर्ट मिलने पर बाल अधिकारिता निदेशक ने 30 मई को सिरोही कलक्टर को पत्र लिखा। इसमें आबू रोड (सिरोही) व आबू पर्वत में नयाखेड़ा में संचालक बाबा वीरेन्द्र देव दीक्षित के गोमुख आश्रम के निरीक्षण की रिपोर्ट का हवाला है।

सिरोही में मिली थीं अनियमितताएं
वहां आश्रम का संचालन विधि विरुद्ध पाया गया था। निरीक्षण के दौरान आश्रम की स्थिति अत्यंत संदिग्ध और बालिकाओं की सुरक्षा संकट में होना पाया गया था। वहां मिली सभी बच्चियों को पूर्ण सुरक्षा-सुविधा एवं देखभाल सहित राजकीय/पंजीकृत गृहों में दाखिला दिलाने के लिए निर्देशित किया गया था। बालिकाओं से सम्बंधित समस्त दस्तावेज व जानकारी प्राप्त कर बालिका गृहों में प्रवेशित करा पालना रिपोर्ट फोटो-वीडियो और दस्तावेज सहित सिरोही जिला कलक्टर ने मांगी थी।

एफआईआर में यह आरोप
किशोर न्याय एवं बालकों की देखरेख-संरक्षण अधिनियम (जेजे) २०१५ के उल्लंघन की विभिन्न धाराओं में आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि हर थाने में बाल कल्याण अधिकारी होता है, जिन्हें ऐसे मामले सामने आने पर स्वप्रेरित रिपोर्ट देनी होती है। लेकिन, मामले में लापरवाही बरती गई। पुलिस के सम्बंधित अधिकारी तथा राजमहल होटल संचालक के विरुद्ध भी रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।

90 फीसदी बालिकाएं वे ही
रिपोर्ट में ५१ बच्चियों की सूची है, जिनमें से ९० प्रतिशत वे हैं, जो सिरोही में निरीक्षण के दौरान वहां मिली थीं। वर्तमान में आरके हॉस्पिटल बायपास पर आसरा विकास संस्थान के मां पन्नाधाय बालिका गृह में ६७ बच्चियां रह रही हैं। ये बालिकाएं १६ राज्यों की हैं। थाने में रिपोर्ट दी है।

कड़ी सुरक्षा में बालिकाएं
बालिका गृह में फिलहाल सभी बच्चियां सुरक्षित व सामान्य दिनचर्या से रह रही हैं। शनिवार को सीएमएचओ डॉ. पंकज गौड़ ने मेडिकल टीम लेकर पहुंचे। किशोरियों के भोजन व व्यवहार की जांच-पड़ताल की गई। नशीली वस्तुओं के इस्तेमाल की आशंका के मद्देनजर जल्द ही इनकी रक्त जांचें भी हो सकती हैं। बालिका गृह के अन्दर छह महिला पुलिसकर्मी और बाहर पांच पुलिस जवान एसआई स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में तैनात हैं।

सिरोही से मिली रिपोर्ट के बाद हम राजनगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। आबू स्थित गोमुख आश्रम में कई अनियमितताएं मिली थीं। कलक्टर का आदेश भी नहीं माना है और यहां गुपचुप ढंग से आश्रम संचालित किया गया।
भावना पालीवाल, अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति, राजसमंद