
बिना जीवनरक्षक यंत्रों के मरीज लेकर दौड़ रहीं एम्बुलेंस
अधिकतर निजी एम्बुलेंस में नहीं हैं, एम्बु बैग, ऑक्सीजन सिलेंडर
जिला अस्पताल के एंबुलेंस कर्मियों की धांधली का मामला
अश्वनीप्रताप सिंह
राजसमंद. आपात स्थिति में मरीजों को रैफर करने के काम आ रही निजी एम्बुलेंसें बिना जीवन रक्षक यंत्रों के मरीजों को सफर करवा रही हैं। अधिकतर एम्बुलेंस में एम्बु बैग, कनेक्शन सहित ऑक्सीजन सिलेंडर तक नहीं हैं। इससे रास्ते में मरीजों का दम फूल जाता है। मामला जिले के राजकीय आरके चिकित्सालय का है। यहां करीब 21 एम्बुलेंस संस्थाओं और निजी लोगों ने लगा रखी हैं। सुविधा नहीं होने के बाद भी चालक मरीजों से मनमानी राशि वसूलते हैं, अस्पताल प्रशासन को जब इसकी शिकायतें मिलीं, तो उन्होंने परिवहन विभाग से एम्बुलेंस की फिटनेस जांचने को पत्र लिखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से चालकों के हौसले इतने बुलंद है कि वह मृतक के परिजनों से भी वसूली करने से गुरेज नहीं करते।
एम्बुलेंस चालकों को भी दिया नोटिस
14 नवम्बर को अस्पताल प्रशासन ने एम्बुलेंस की जांच करवाकर 15 एम्बुलेंस चालकों को एम्बु बैग, ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी पर नोटिस जारी किया, लेकिन उसके बाद भी किसी चालक ने इसे गम्भीरता से नहीं लिया। 27 दिसम्बर को पुन: चिकित्सालय प्रशासन ने एम्बुलेंस की जांच करनी चाही तो आधे से ज्यादा चालक गाडिय़ों में ताला लगाकर चले गए, जो खुली मिलीं उसमें से महज एक एम्बुलेंस में ही ऑक्सीजन सिलेडर मिला।
परिवहन विभाग ने नहीं की कार्रवाई
लगातार एम्बुलेंस चालकों के खिलाफ मिली शिकायतों के
बाद अस्पताल प्रशासन ने 6 जून 2018 जिला परिवहन अधिकारी
को एक पत्र भेजकर फिटनेस
जांच के लिए कहा। पत्र में उन्होंने जिला कलक्टर के आदेश का
भी हवाला दिया, लेकिन इसके बावजूद परिवहन विभाग ने आजतक किसी भी एम्बुलेंस की फिटनेस नहीं देखी।
केस एक
देवगढ़ में दुर्घटना होने पर एक घायल को राजसमंद रैफर किया गया। मरीज की गम्भीर स्थिति होने पर चिकित्सकों ने उसे उदयपुर रैफर कर दिया। रास्ते में उसका दम फूलने लगा तो परिजनों ने ऑक्सीजन लगाने को कहा। लेकिन एम्बुलेंस में आक्सीजन का खाली सिलेंडर होने से उसे उसी स्थिति में उदयपुर तक का सफर करना पड़ा।
केस दो
वर्ष 2017 में छापली दिवेर में एक दुर्घटना हुई, जिसके घायलों को राजसमंद से उदयपुर रैफर किया गया। जिस एम्बुलेंस में घायलों को उदयपुर ले जाया गया, उसमे न तो एम्बु बैग था और न ही ऑक्सीजन का सिलेंडर। जिससे घायलों को उदयपुर पहुंचने में खासी समस्या हुई।
इनका कहना है...
&यहां करीब 21 एम्बुलेंस निजी व संस्थाओं ने लगा रखी हैं। कईबार इनका निरीक्षण किया लेकिन किसी में पर्याप्त जीवन रक्षक संयत्र नहीं मिले। यहंा तक की अधिकांश में कनेक्शन के साथ ऑक्सीजन गैस सिलेंडर, एम्बु बैग तक नहीं हैं। जबकि यह एम्बुलेंस में होना अनिवार्य है। जून में जिला कलक्टर के निर्देशन में हुई आरएमआरएस की बैठक में निर्णय लिया गया था कि सभी एम्बुलेंस का परिवहन विभाग से फिटनेस होना चाहिए, इसके लिए हमने परिवहन विभाग को पत्र भी लिखा लेकिन आज तक उन्होंने इनकी फिटनेस जांच नहीं करवाई।
डॉ. नरेंद्र पालीवाल, पीएमओ, राजकीय जिला चिकित्सालय, राजसमंद
Published on:
28 Dec 2018 01:08 pm
