
जनता से धोखा गंभीर अपराध है, रवैया सुधार लें सभी अधिकारी
प्रमोद भटनागर
राजसमंद. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने कहा कि हर योजना आबादी के आधार पर बनती है, ताकि उन सभी लोगों को लाभ मिले। राजसमंद जिले में इसी तरह की योजनाएं बनी, कुछ कार्य भी हुए, मगर ऐसी परियोजनाओं का लाभ सिर्फ एक तिहाई लोगों को ही मिल पा रहा है। ऐसा क्यों? क्या प्लान में यह नहीं था, अगर था तो प्लान में निर्धारित आबादी को लाभ क्यों नहीं मिल रहा है। जनता से ये कैसा मजाक हो रहा है। डॉ. जोशी ने कहा बताओ क्या मैं सही बोल रहा हूं? अगर सही है, तो गलत
कौन है, आप या मैं...। फिर बोले आप भी सही, मैं भी सही, तो गलत कौन है? ये कैसा रवैया है। जनता से सीधा धोखा हो रहा है, जो गंभीर अपराध है। क्या आपको पता है, एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। अब हर महकमे के सभी अधिकारी इस तरह के रवैये में सुधार कर लें। जितने लोगों के लिए प्लान बने, उन सभी लोगों को लाभ मिलना ही चाहिए। अगर प्लान में लेने के बाद भी कोई वंचित रहता है, तो संबंधित अधिकारी की बड़ी फॉल्ट मानी जाएगी, जो किसी भी स्थिति में बर्दाश्त के लायक नहीं है। जोशी गुरुवार को जिला परिषद के महाराणा प्रताप सभागार में जिला परिषद की साधारण सभा में बोल रहे थे। प्रारंभ में सीईओ गोविंदसिंह राणावत ने गत बैठक का प्रतिवेदन पढ़कर सुनाया। बिजली समस्याओं पर जोशी ने कहा रेलमगरा क्षेत्र में 42 ट्रांसफार्मर चोरी हुए, मगर एफआईआर सिर्फ 6 ही क्यों दर्ज हुई। निगम के एक्सईएन बोले- रेलमगरा थाने वाले प्रकरण दर्ज नहीं करते। जोशी ने पूछा, आपने कभी डीएसपी या एसपी को बताया, तो जवाब आया कि कई बार पंजीकृत डाक भेजी। पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव ने बताया कि थाना स्तर पर इस तरह की बेपरवाही हो रही है, तो मुझे निगम ने कभी नहीं बताया। जोशी अभियंता पर बिफर गए और कहा कि अगर विभागों में ही आपस में ऐसे हालात बनेंगे, तो कैसे चल पाएगा। इस दौरान उप जिला प्रमुख सफलता गुर्जर सहित सभी विभागों के अधिकारी व सदस्य मौजूद थे।
गुमराह क्यों करते हो, सही जानकारी दो
सदस्य गोपालसिंह ने कहा कि सारोठ सहित कुछ गांवों में अनियमित बिजली व कई घरों में कनेक्शन नहीं होने की समस्या रखी। इस पर एक्सईएन बोले- वह लंबी लाइन है, मगर अब बोरवा में 33केवी जीएसएस बन गया है, जो जल्द चालू हो जाएगा। फिर कोई समस्या नहीं आएगी। इस पर फिर डॉ. जोशी ने विद्युत निगम एक्सईएन से सवाल किया- उपभोक्ता की संख्या, लोड को ध्यान में रख कर लाइन बिछाते हो या नहीं। एक्सईएन बोले- लोड के आधार लाइन बिछती है। इस पर डॉ. जोशी ने ने कहा कि तो पहले 33केवी जीएसएस क्यों नहीं लगाया। जब आपके पास विद्युत सप्लाई की क्षमता ही नहीं है, तो नए कनेक्शन कैसे दे रहे हो। अग्रिम तैयारी क्यों नहीं रहती। अब जिले में कितने ट्रांसफार्मर 33केवी जीएसएस की और जरूरत रहेगी। तब एक्सईएन बोले- अगले 5 वर्षों में कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। आक्रोशित डॉ. जोशी फिर बोले- यह नोट करवा दूं कि आगे 5 वर्षों में कोई जीएसएस की जरूरत नहीं है और जरूरत पड़ी, तो... ? अगर आबादी बढ़ी, कनेक्शन बढ़े, कोई इंडस्ट्रीज आई तो क्या करोगे? इस पर अभियंता बोले- इंडस्ट्रीज की खपत के आधार पर तो नए जीएसएस लगाने ही पड़ेंगे। फिर सदस्य नंदलाल सिंघवी ने सौभाग्य योजना की प्रगति मांगी, तो विद्युत निगम अभियंता बोले- 4994 में से सोलर के 1325 कनेक्शन शेष है, जो मार्च तक पूरे हो जाएंगे। डॉ. जोशी ने कहा कि कमिटमेंट वही करो, जो हो सके। वास्तव में 31 मार्च तक कनेक्शन हो जाएंगे, तब अभियंता बोले इसके टेंडर निगम मुख्यालय स्तर पर होते, तभी कार्य हो सकेगा। इस पर फिर डॉ. जोशी आक्रोशित हो उठे और बोले- सदन को क्यों गलत जानकारी देकर गुमराह कर रहे हो। जो भी सही है, वही बोलो, क्या दिक्कत है।
बाघेरी में दो तिहाई लोग पानी से वंचित क्यों ?
डॉ. जोशी ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी के अधीक्षण अभियंता निर्मल चित्तौड़ा से पूछा कि बाघेरी परियोजना में जो गांव लिए, वहां आबादी के आधार पर ही टंकी बनाई। अभियंता बोले- हां। सीपी ने पूछा कि उन गांवों में सिर्फ एक तिहाई यानि (33.33 फीसदी) लोगों को ही पानी क्यों मिल रहा है और दो तिहाई (66 .66 फीसदी) लोग पानी से क्यों वंचित हैं। आपके रिकॉर्ड के मुताबिक वह गांव पूर्णतया बाघेरी से जुड़ गया है, मगर वास्तव में कई घर वंचित है। चित्तौड़ा बोले- इसका प्लान बना रहे हैं और जल्द पाइन लाइन डाल सभी वंचित लोगों को पानी मुहैया कराएंगे। नाराज सीपी ने लापरवाही पर फटकारा तो अभियंता निरुत्तर हो गए। सदन में सन्नाटा पसर गया। सीपी ने कहा कि नाथद्वारा क्षेत्र में बाघेरी से जुड़े जिन गांवों में टैंकर से जलापूर्ति हो रही है, यही सबसे बड़ी डिफॉल्ट है। सरकार के पैसों को क्यों बर्बाद किया जा रहा है।
ट्रंक लाइन से पानी के कनेक्शन क्यों ?
सीपी बोले- बाघेरी परियोजना में कई जगह मुख्य ट्रंक लाइन से पानी के कनेक्शन दे दिए। कहीं व्यवसाय हो रहा है, तो कहीं खेती। बिना विभाग की मिलीभगत के ये संभव नहीं है। जब ट्रंक लाइन में ही कनेक्शन होंगे, तो गांवों में कैसे सुलभ पानी मिलेगा। इस पर अभियंता बोले- जांच कर ट्रंक लाइन में 37 अवैध कनेक्शन मिले, जिन्हें काटा गया। फिर सीपी बोले- इसके अलावा भी कई कनेक्शन है, तो जिला कलक्टर अरविंद पोसवाल बोले- जांच करवाओ, फिर कार्रवाई करों।
सदस्य बोले- विभाग क्यों कर रहे गुमराह
सदस्य नीतू असावा ने कहा कि आईसीडीएस द्वारा क्यों गुमराह किया जा रहा है। मैंने केन्द्र पर जिसने निरीक्षण किया, उसकी रिपोर्ट मांगी थी, मगर ये आंकड़े दे दिए, ये किस काम के। जिला प्रमुख प्रवेश कुमार सालवी ने अधिकारी से तत्काल सूची मंगवाकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गोपालसिंह ने कहा डूंगरखेड़ा में जो नरेगा कार्य हुआ है, वह घटिया है। जिला प्रमुख ने भीम बीडीओ से जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। मदनलाल ने कहा कि नरेगा में केटेगरी 4 में भी जिसके प्रस्ताव भेजे, उनमें कई स्वीकृत ही नहीं हुए। दोहरा बर्ताव का आरोप लगाया। अभियंता चित्तौड़ा ने बताया कि करीब तीन करोड़ का कंटीजेंसी प्लान बनाया है, जिसमें हैंडपंप व ट्यूबवैल खुदवाए जाएंगे। तभी बात काटते हुए सीपी फिर बोले- प्लान तो ठीक है, मगर जहां जहां ट्यूबवैल खुदवाने है, वहां के लिए बिजली कनेक्शन के लिए निगम को बताया। ट्यूबवैल खुदने से कुछ नहीं होगा, जब तक बिजली कनेक्शन नहीं होगा। अग्रिम विद्युत निगम को बताकर कार्रवाई करें।
सीपी के जाते बातें करने लगे : जोशी के जाते ही सदस्य ही नहीं, अफसर भी आपस में बातें करने में व्यस्त हो गए। जिला प्रमुख, सीईओ ने कई बार टोका। फिर कुंभलगढ़ विधायक सुरेन्द्रसिंह राठौड़ ने भी सबको बातें नहीं कर मुद्दे पर चर्चा होने देने की अपील की, तब लोग शांत हुए।
Published on:
01 Mar 2019 12:51 pm
