20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ऑटो चालक की हत्या का खुलासाः पत्नी से अवैध संबंधों पर चचेरे भाई ने भांजे को दी 25 हजार की सुपारी

कांकरोली थाना क्षेत्र में मादड़ी ग्राम पंचायत के सोनियाणा गांव में एक ऑटो चालक की चाकुओं से गोदकर हत्या करने का राजफाश हो गया है। ऑटो चालक के उसके चचेरे भाई की पत्नी से अवैध संबंध का शक था।

3 min read
Google source verification
murder_1.jpg

राजसमंद। कांकरोली थाना क्षेत्र में मादड़ी ग्राम पंचायत के सोनियाणा गांव में एक ऑटो चालक की चाकुओं से गोदकर हत्या करने का राजफाश हो गया है। ऑटो चालक के उसके चचेरे भाई की पत्नी से अवैध संबंध का शक था। उसकी हत्या की सुपारी आरोपी ने अपने ही भांजे को दी थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि प्रकरण में उप अधीक्षक बेनीप्रसाद मीणा और सीआई डीपी दाधीच के निर्देशन में अनुसंधान करते हुए पुलिस ने मदनलाल रेगर (30) पुत्र किशनलाल रेगर की हत्या के आरोपी मुरली उर्फ पिंटू (23) पुत्र ह्यलादूलाल रेगर निवासी मोहननगर (सोनियाणा) और उसे सुपारी देने वाले चचेरे भाई नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हत्या का शिकार हुए मदनलाल के प्रेम संबंध उसके ही चचेरे भाई नरेंद्र रेगर से थे। इसका पता पूरे परिवार को चल चुका था। करीब आठ माह पहले दोनों पक्षों की ओर से समझाइश कर मामले को खत्म कर दिया गया था, लेकिन मदनलाल नरेंद्र की पत्नी को लगातार परेशान करता रहा। इस पर मदनलाल को रास्ते से हटाने की नरेंद्र पुत्र सोहनलाल ने योजना बनाई और भाणेज की मदद से इसे अंजाम दे दिया।

यह भी पढ़ें : सरिए से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली पलटी, दो युवकों की मौत,अस्पताल में मचा कोहराम

25 दिन पहले भी की कोशिश, टल गई
करीब 20-25 दिन पहले सोनियाणा के रास्ते पर भी मुरली ने मदनलाल की रैकी की, लेकिन उसके साथ अन्य व्यक्ति होने से उसने इरादा टाल दिया। गत शुक्रवार को आखिरकार दोनों ने फिर योजना बनाई। नरेन्द्र प्लान के मुताबिक अपने कार्यस्थल जेके फैक्ट्री पर ही रहा। मुरली मोटर साइकिल से मदनलाल का पीछा करता रहा व एकान्त स्थान देखकर वह बाइक खराब होने के बहाने रुक गया।

सुपारी देने वाला और हत्यारा दोनों ने की नौटंकी
सुपारी देने के आरोपी नरेंद्र और हत्या के आरोपी इसके भांजे मुरली ने किसी को शक न हो, इसके लिए पूरी नौटंकी की। अंतिम संस्कार में दोनों शामिल हुए और हत्या को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन में भी मौजूद रहकर पूरे मामले का खुलासा करने की मांग भी की थी।

यह भी पढ़ें : दर्दनाक हादसाः परिजनों के सामने ही थ्रेसर में हो गए विवाहिता के कई टुकड़े

यह थी वारदात
तिपहिया लोडिंग टेम्पो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले मदनलाल का बीती शुक्रवार रात करीब 8 बजे छह नम्बरिया चौराहा से सोनियाणा की ओर जाने वाले आश्रम रोड पर मदनलाल रेगर खून से लथपथ शव ऑटो में ही मिला था। शनिवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। मदनलाल के पिता किशनलाल रेगर ने पुलिस में रिपोर्ट दी थी।

हत्यारा ढूंढने को कहा, पैसों के लालच में खुद ही ले ली जिम्मेदारी
नरेंद्र ने भांजे मुरली को किसी हत्यारे को ढूंढने की जिम्मेदारी दी थी, जिसे 25 हजार रुपए देना तय हुआ। मुरली ने पैसों के लालच में यह काम खुद ही अपने हाथ में ले लिया और वारदात को अंजाम दे डाला। 5 हजार रुपए वारदात होते ही उसने ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। बाकी पैसा 7 दिन बाद देना तय था।

रास्ते में रोक मार डाला
आरोपी मुरली ने गत 24 मार्च को मदन के ऑटो का दिनभर पीछा किया। शाम होते-होते ज्योंही अंधेरा पड़ा, घर के रास्ते में उसने सोनियाणा के पास रोड किनारे बाइक खराब होने का बहाना बनाकर मदन को रोक लिया। उसने चाकू निकालकर सीधे मदन के गले में घोंप दिया और वह संभल पाता, इससे पहले ही ताबड़तोड़ 7 वार कर दिए। वह ऑटो का दरवाजा बंद कर भाग निकला।

250 बाइक का रिकॉर्ड खंगाला, 65 से पूछताछ
मुरली की 'खराब बाइक' को लोगों ने देखा था। पुलिस को पता चला कि सेंसर से बाइक स्टार्ट होने में दिक्कत थी। पुलिस ने राजसमंद के तमाम ऑटोमोबाइल शोरूम से संपर्क कर इस श्रेणी की 250 बाइक का रिकॉर्ड खंगाला, जिनमें से 65 को चिह्नित कर तीन दिन मशक्कत कर बाइक मालिकों से पूछताछ की। इनमें मुरली भी था। पूछताछ में शक होने पर उससे पुलिस ने सख्ती से सवाल किए, तो वह टूटा और मामला उगल दिया।