
एसीबी में एक और परिवाद दर्ज, ऋण जांच में फर्म भी संदेह के दायरे में
राजसमंद. प्राथमिक भूमि विकास बैंक राजसमंद में करोड़ों के घपले के मामले में एक और परिवाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजसमंद में दर्ज हुआ है। प्रारंभिक जांच में जिस फर्म को ऋण का भुगतान किया, वही फर्म संदेह के दायरे में आ गई है। साथ ही दलाल व बैंक शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा सामने आ गया।
जानकारी के अनुसार लावासरदारगढ़ निवासी दिलीप सिंह पुत्र बिशनसिंह राजपूत ने एसीबी में रिपोर्ट दी। बताया कि दलाल राजू खटीक पुत्र शंकरलाल ने ऋण दिलाने का झांसा देकर आवेदन फार्म पर हस्ताक्षर करवा लिए। उसके बाद शाखा प्रबंधक रामेश्वर प्रसाद द्वारा करीब सात लाख रुपए का ऋण स्वीकृत किया। फिर दलाल व बैंक शाखा प्रबंधक की मिलीभगत के चलते उसे सिर्फ 25 हजार रुपए ही दिए, जबकि करीब 6 लाख 60 हजा रुपए टेंट हाउस की सामग्री के नाम पर विनायक एंटरप्राइजेज, केलवा चेक बनाकर उठा लिए। इसके तहत न तो उसे टेंट हाउस की सामग्री दी गई और न ही ऋण की राशि दी गई। आरोपितों ने फर्जी तरीके से टेंट हाउस की सामग्री प्राप्त करने के दस्तावेज तैयार कर लिए। परिवाद दर्ज करने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की प्रारंभिक जांच के मुताबिक 6.60 लाख का भुगतान विनायक एंटरप्राइजेज केलवा को भुगतान किया गया। रिकॉर्ड के अनुसार उक्त फर्म के प्रोपराइटर राज्यावास निवासी नन्दलाल पुत्र खेमा गमेती है। उक्त फर्म का बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक कांकरोली में अगस्त 2012 में खुलवाया गया। दिलीपसिंह के टेंट हाउस के अलावा भी उक्त फर्म को भूमि विकास बैंक से करीब 70 लाख रुपए का भुगतान उठा। टेंट हाउस की सामग्री नहीं मिलने पर दिलीपसिंह द्वारा ऋण जमा नहीं कराया गया, जिससे ऋण अवधिपार हो गया। बताया कि टेंट हाउस की दुकान का सत्यापन भी नहीं किया गया।
पहले कमीशन, तभी ऋण
भूमि विकास बैंक के अवधिपार ऋण पीडि़तों ने एसीबी में शिकायत की। पीडि़तों के मुताबिक ऋण स्वीकृति कराने की एवज में दलाल के माध्यम से शाखा सचिव, ऋण पर्यवेक्षक से लेकर बैंक के सभी अधिकारी, कार्मिकों का कमीशन तय है। बिना कमीशन लिए किसी का ऋण स्वीकृत नहीं होता। इसके साथ ही भूमि विकास बैंक में लम्बे समय से फर्जी ऋण के बहाने चल रही धांधली खुलकर सामने आने लगी है।
हर पहलू से कर रहे जांच
लावासरदारगढ़ के व्यक्ति की रिपोर्ट पर एक और परिवाद दर्ज किया गया है। इसकी जांच अलग से समग्र पहलुओं से की जा रही है।
राजेश चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजसमंद
Updated on:
01 Oct 2018 11:58 am
Published on:
01 Oct 2018 11:58 am
