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Good News: बिपरजॉय की बारिश से इस झील में आया सालभर का पानी, जल्द ही राजस्थान में दस्तक दे रहा है मानसून

Good News: जिले में पिछले दिनों आया बिपरजॉय तूफान वरदान साबित हो रहा है। इसके कारण कई जलाशयों में पानी की अच्छी आवक हुई है तो कुछ मानसून की बारिश में छलकने के कगार पर पहुंच गए हैं।

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राजसमंद। Good News: जिले में पिछले दिनों आया बिपरजॉय तूफान वरदान साबित हो रहा है। इसके कारण कई जलाशयों में पानी की अच्छी आवक हुई है तो कुछ मानसून की बारिश में छलकने के कगार पर पहुंच गए हैं। इससे एक ओर भूमि के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होगी। वहीं दूसरी ओर राजसमंद झील में एक वर्ष के पीने के पानी की व्यवस्था होने से शहरवासियों ने चैन की सांस ली है।

जिले में 17 जून से 19 जून तक बिपरजॉय तूफान के चलते अधिकांश स्थानों पर जमकर बारिश हुई। यह बारिश कई लोगों के लिए आफत का सबब बनकर टूटी, लेकिन शहरवासियों के लिए यह वरदान साबित हुई। इसका मुख्य कारण राजसमंद की लाइफ लाइन कही जाने वाली राजसमंद झील में गोमती नदी के माध्यम से झील में 7 फीट से अधिक पानी की आवक होना। झील का बारिश से पहले जलस्तर करीब 4.50 फीट था, लेकिन बारिश के बाद अब यह 11.70 फीट के अधिक हो गया है। इस झील से शहरवासियों को पेयजल की सप्लाई होती है। इसी प्रकार बाघेरी का नाका छलक रहा है, जबकि नंदसमंद बांध भी सिर्फ 3 फीट खाली है। ऐसे में अभी मानसून की पूरी बारिश होना अभी शेष है। जिले के चारभुजा, रेलमगरा और आमेट आदि क्षेत्र में सर्वाधिक बारिश हुई है। इससे भू-जल स्तर में बढ़ोतरी होगी। जल संसाधन विभाग के अनुसार एक जून से अब तक जिले में 273.64 एमएम बारिश हो चुकी है।

तहसील एक जनवरी से 1 जून से 21 जून 31 मई तक हुई वर्षा तक बारिश
आमेट 240 325
भीम 141 173
देलवाड़ा 102 112
देवगढ़ 224 441
गढ़बोर 167 604
खमनोर 132 128
केलवाड़ा 176 441
कुंवारिया 24 193
नाथद्वारा 142 165
रेलमगरा 116 148
राजसमंद 138 280


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700 एमसीएफटी पानी रखा जाता आरक्षित
सिंचाई विभाग के अनुसार झील में 700 एमसीएफटी जलदाय विभाग के लिए प्रतिवर्ष रिजर्व रखा जाता है। बिपरजॉय के तूफान से राजसमंद झील में 4.50 फीट पानी था। चारभुजा में रामदरबार के छलकने के बाद चली गोमती नदी के कारण बुधवार शाम तक झील में 11.70 फीट करीब पहुंच गया है। ऐसे मेें झील में वर्तमान में 1175 एमसीएफटी पानी है। गत दिनों बारिश और गोमती नदी से करीब 700 एमसीएफटी पानी की आवक हुई है।

इस तरह यहां से होती है पानी की सप्लाई
राजसमंद झील
राजसमंद झील से शहरी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति होती है। शहरी क्षेत्र में करीब 16 हजार पानी के कनेक्शन है। यहां पर राजसमंद झील से प्रतिदिन 16-17 एमएलडी पानी की सप्लाई की जाती है।

नंदसमंद बांध
नंदसमंद बांध से नाथद्वारा के शहरी क्षेत्र में पानी की सप्लाई की जाती है। यहां पर करीब 9500 से अधिक मकान है। यहां पर प्रतिदिन 5.6 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है।

बाघेरी के नाके
बाघेरी के नाके से 302 गांवों में पानी की सप्लाई दी जाती है। इसमें 20 गांव उदयपुर के और शेष गांव राजसमंद जिले के अन्तर्गत आते हैं। इस बांध से प्रतिदिन 20-21 एमएलडी पानी की सप्लाई दी जाती है।


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एक साल के पानी की हुई व्यवस्था
गोमती नदी से झील में और बारिश के चलते 650 एमसीएफटी पानी की आवक हुई है, जबकि शहर में जलापूर्ति के लिए के प्रतिवर्ष 700 एमसीएफटी पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि इससे एक साल के पानी की सप्लाई जितनी आवक झील में हुई है। - अरूण शर्मा, एक्सईएन, सिंचाई विभाग राजसमंद

भू-जल स्तर बढ़ने से मिलेगी सुविधा
जिले के अधिकांश स्थानों पर गत दिनों हुई बारिश से जलाशयों में पानी की आवक हुई है। आगामी दिनों में इससे भू-जल स्तर में भी बढ़ोतरी होगी। झील में भी एक साल से अधिक सप्लाई जितने पानी की आवक हो चुकी है। अभी तो पूरा मानसून की बारिश शेष है। - शिवदलाल मीणा, एसई, जलदाय विभाग राजसमंद