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SAWAL : आठ लाख में बना नाला एक माह बाद ही परिषद ने वापस तुड़वा डाला

कोयड़ क्षेत्र में एक महीने पूर्व पानी निकासी के लिए बनाया था

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ठेकेदार की लापरवाही की निगरानी तक नहीं की तकनीकी अधिकारियों ने

राजसमंद. नगर परिषद के जिम्मेदारों की अदूरदर्शिता के चलते अनदेखी के चलते विकास के नाम पर पैसों की बर्बादी की जा रही है। शहर के कोयड़ क्षेत्र में एक महीने पूर्व पानी निकासी के लिए बनाए नाले को फिर से तुड़वा दिया गया है। हालांकि परिषद का कहना हैकि इस लापरवाही पर ठेकेदार ही खर्चवहन करेगा। लाखों रुपए की लागत से बने नाले को मंगलवार को तोड़ दिया गया। परिषद अधिकारियों का कहना है कि ठेकेदार की लापरवाही के चलते नाला गलत तरीके से बना दिया गया। नाले को ठीक करने के लिए फिर से तोड़ा गया है। ताजा स्थिति में परिषद के जिम्मेदार तकनीकी अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आ रही है। सवाल यह कि ठेकेदार ने निर्माण में लापरवाही बरती, तो तकनीकी अधिकारियों के कार्यके दौरान निरीक्षण क्यों नहीं किया? नाला का काम ठेकेदार के भरोसे ही छोड़ा दिया गया। अब नाला फिर से बनाने में देरी होने पर बरसात के मौसम में मुश्किल हो सकती है। क्षेत्र के लोगों का आला अधिकारी देखरेख करते, तो यह नौबत नहीं आती। पानी की समुचित निकासी के लिए शहर के कोयड़ क्षेत्र से लेकर भीलवाड़ा हाइवे तक आठ लाख रुपए की लागत से परिषद ने यह नाला बनवाया था। परिषद के आलाधिकारियों ने देरी से ही सही, जब जांच की तो अनियमितता सामने आ गई। अब नाले को तोडऩे व दोबारा बनवाने के आदेश दिए गए हैं। लाखों की बर्बादी का खमियाजा ठेकेदार को ही भुगतना होगा।

ठेकेदार की लापरवाही से हुआ गलत काम
ठेकेदार की लापरवाही से नाले का गलत निर्माण कर दिया गया। इसे परिषद ने फिर से तुड़वाया है। इसका सारा खर्च ठेकेदार ही वहन करेगा। परिषद ने इसका भुगतान अभी तक नहीं किया है।
बृजेश रॉय, आयुक्त नगर परिषद राजसमंद

पैसों की बर्बादी
परिषद की लापरवाहीं से लाखों रुपए को पानी में बहाया जा रहा है। पहले ही ठेकेदार के भरोसे काम नहीं छोड़ा जाता, तो यह तोडऩा नहीं पड़ता। इससे परिषद की लापरवाही साफ झलक रही है।
अशोक टांक, प्रतिपक्ष नेता नगरपरिषद राजसमंद