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पन्ना काली वा अंधिकारी रात नानो सो उदयो साथ चित्तौड़ दुर्ग से चाल पड़ी……

केमरी में पन्नाधाय जयंती पर कवि सम्मेलन व इतिहास संगोष्ठी का आयोजन
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celebrate pannadhaya jainti in cumeri

पन्ना काली वा अंधिकारी रात नानो सो उदयो साथ चित्तौड़ दुर्ग से चाल पड़ी......

प्रमोद भटनागर

आईडाणा. ऐतिहासिक धरा कमेरी में शुक्रवार को पन्नाधाय जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। प्रसिद्ध कवियों, इतिहासकारों एवं समाजसेवियों ने कमेरी बस स्टैण्ड के निकट बने पन्नाधाय पेनोरमा में एक स्वर में पन्ना के बलिदान का गुणगान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा पन्नाधाय, चन्दन एवं उदयसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। मुख्य अतिथि धरोहर संरक्षण प्रोन्नति प्राधिकर के सेक्रटरी टीसी बोहरा थे। विशिष्ट-अतिथि वरिष्ठ कवि माधव दरक, आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष नाना भाई गुर्जर, इतिहासविद नारायण लाल उपाध्याय, साहित्यकार फतहलाल गुर्जर, लोकपाल महेश बगड़वाल, राजपूत समाज के अध्यक्ष शम्भूसिंह, इन्द्रसिंह थे। महाबलिदानी पन्नाधाय स्मारक संस्थान कमेरी के पदाधिकारियों ने अतिथियों का परम्परागत स्वागत किया। सचिव गहरीलाल गुर्जर ने देवगढ़ राजकीय महाविद्यालय का नाम पन्नाधाय के नाम से करने की मांग की। हाल ही में पन्नाधाय की कविता गायन से प्रसिद्ध हुई बाल गायिका नेहा वैष्णव ने अररर पन्ना काली वा अंधियारी रात..., कविता प्रस्तुत की तो पूरा पाण्डाल तालियों से गंूज उठा। मुख्य अतिथि बोहरा ने कहा कि जो कर्म भूमि का अन्न-जल ग्रहण करता है तो वो वहां का कृतज्ञ हो जाता है। पन्नाधाय जैसा स्वामी भक्ति का ऐसा उदाहरण न हुआ न होगा। सरकार राजस्थान के गौरवशाली इतिहास को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। साहित्यकार गुर्जर ने पन्ना थारी साख दूं जो नी जन्मती आप उदय अस्त होवतो आतो कठु प्रताप, लाइन केा साथ पन्ना के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। वरिष्ठ कवि दरक ने चमके आभै में जुं तारो एड़ो मारो राजस्थान, मायड़ थारो वो पूत कठे वो एकलिंग दीवान कठे, रचना प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। महिला मंच अध्यक्ष जमाना वैष्णव ने बेटी पर मैं मारी मा के जन्म लियो तब घणा आंसू टपकाया, मारो बीरो जन्म लिया तो नोपत बाजा बाजाय, प्रस्तुत कर बेटा-बेटी में फर्क करने की मानसिकता को प्रदर्शित किया। इस दौरान पन्नाधाय के वंशज मोहनलाल गुर्जर, गणेशलाल गुर्जर के साथ ही मुकेश सिरोया, प्रभुलाल गुर्जर, कवि परितोष पालीवाल, यश गुर्जर, लोकेन्द्रसिंह, सूरजमल मीणा मौजूद थे। संचालन पर्यावरणविद् कैलाश सामोता ने किया।
कमेरी की धरा को हराभरा करने का संकल्प
आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट्र के अध्यक्ष गुर्जर ने पन्नाधाय महाराणा प्रताप निर्मल मेवाड़ बनाने के लिए संस्थान द्वारा अगले वर्ष सवा लाख पौधे रोपने की घोषणाा की। इसमें कमेरी में पांच हजार पौधे रोपने का कार्य जून में किया जाएगा। वहीं, महाबलीदानी पन्नाधाय की 11 हजार पुस्तकें छपवाई गई, जिसका विमोचन समारोह में ही किया गया। वहीं, साहित्यकार गुर्जर की पन्नाधाय पेनोरमा पर लिखी गई पुस्तक का विमोचन बाल गायिका वैष्णव ने किया।
नेहा को 13700 का पुरस्कार
पन्नाधाय पर अपनी बुलन्द आवाज एवं हावभाव से प्रस्तुत की गई कविता से प्रसिद्व नेहा को समारोह में 13700 रुपए का पुरस्कार दिया गया।

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