
विभागों के कम्प्यूटर ऑपरेटर और बाबू अटका रहे ऑनलाइन आवेदन
राजसमंद. जाति, मूल निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड व श्रम कार्ड बनाने के ज्यादातर आवेदन पंचायत समिति, उपखंड कार्यालय व तहसील में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर व लिपिकों की कारस्तानी से लंबित पड़े हैं। नाथद्वारा, खमनोर उपखंड व तहसील, भीम पंचायत समिति व तहसील में हर ई मित्र से ऑनलाइन होकर आने वाले कार्य पर बंदी की शिकायत आई। श्रम कार्ड में चौथ वसूली की शिकायत पर भीम पंचायत समिति में एक लिपिक को हटाया भी गया। गजेश सीकलीगर, गजेंद्रसिंह राठौड़, लोकेश देवपुरा, सुरेशचंद्र खटीक, भूपेंद्रसिंह परिहार, प्रवीण तिवारी, सुेंद्र पाल आदि ने दिए ज्ञापन में आरोप लगाए कि बिना कुछ लिए नाथद्वारा तहसील से मूल निवास अपू्रव नहीं होते। नाथद्वारा उपखंड कार्यालय से भी जाति प्रमाण पत्र अप्रूव तभी होते हैं, जब संबंधित ऑपरेटर से ई मित्र संचालक बात कर आश्वास्त न कर दें कि उसे खर्चा पानी दे देंगे। आरोप है कि कुछ ई मित्र संचालकों ने इसकी अफसरों को शिकायत भी की, मगर कोई कार्रवाई नहीं की। इस वजह से ई मित्र संचालकों को मजबूरन कम्प्यूटर ऑपरेटर व बाबूओं से सांठगांठ करनी पड़ी और श्रम विभाग के अंतर्गत श्रम कार्ड व अन्य योजनाओं के आवेदन भी इसी कारण लंबित पड़े हैं।
छात्रवृत्ति के लिए लिया चेक
श्रम कार्ड व श्रम विभाग संबंधी अन्य योजनाओं का परिलाभ नहीं मिलने पर भीम से आधा दर्जन लोग जिला श्रम कार्यालय पहुंचे। लोगों ने पंचायत समिति में कार्यरत महिला कार्मिक पर छात्रवृत्ति दिलाने की एवज में एक- एक हजार रुपए लेने के आरोप लगाए। यह बात नहीं स्वीकारने पर दोकुड़ी के मोहनसिंह ने डूंगाजी का गांव के भाजपा इकाई अध्यक्ष गोविंदसिंह नामक व्यक्ति को कॉल लगाकर श्रम निरीक्षक से ही बात करवा दी। मोबाइल पर श्रम निरीक्षक को बताया कि छात्रवृत्ति आवेदन निस्तारण के लिए उसने भीम पंचायत समिति में कार्मिक को खाली चेक दिया, तब आवेदन अप्रूव हुआ। इसी तरह पंचायत समिति व ग्राम पंचायत भीम में कार्यरत कतिपय कार्मिक द्वारा भी इसी तरह की धांधली करने आरोप लगाया। अगर उसके ईमित्र से आवेदन भरे जाएंगे, तो त्वरित निस्तारित हो जाएंगे और अन्य ई मित्र पर जाएंगे तो कई सालों तक भी आवेदन का निस्तारण नहीं होता।
विभागों में नहीं तालमेल
श्रम विभाग द्वारा श्रम कार्ड व योजनाओं के परिलाभ को लेकर बार बार अधिकार पंचायत समिति विकास अधिकारियों को देने व वापस छीनने की वजह से काम काज प्रभावित हुआ है। पंचायत समितियों व श्रम विभाग की खींचतान का खमियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। पंचायत समिति के कार्मिकों की धांधली की शिकायतें श्रम विभाग जिला कार्यालय में भी पहुंची, मगर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। पंचायत समिति स्तर पर भी महिला कार्मिक की डेस्क बदल दी गई।
Published on:
04 Jul 2018 11:10 am
