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अवैध जहरीले केमिकल की बिक्री पर डीलर्स का आक्रोश, 30 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

जिले में बायोडीजल के नाम पर चल रही जहरीले और अवैध केमिकल की खुलेआम बिक्री को लेकर पेट्रोलियम डीलर्स में गहरा आक्रोश है।

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petroleum dealers strike

petroleum dealers strike

राजसमंद. जिले में बायोडीजल के नाम पर चल रही जहरीले और अवैध केमिकल की खुलेआम बिक्री को लेकर पेट्रोलियम डीलर्स में गहरा आक्रोश है। इस अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगने से नाराज डीलर्स मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा तथा पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे 30 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतर जाएंगे।

ज्ञापन सौंपते हुए जताया रोष

राजसमंद पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर संस्थान के अध्यक्ष कैलाश चौधरी के नेतृत्व में महासचिव हेमंत लढ़्ढा, उपाध्यक्ष जम्बू जैन, विनिश सोनी, संगठन मंत्री परसराम बुनकर, अनिरुद्ध सिंह कारोई, वैभव श्रीमाली, शैलेन्द्र जोशी, अनिल पारीक और कायद भाई सहित जिलेभर से आए डीलर्स ने ज्ञापन सौंपा। डीलर्स ने बताया कि राज्य में बायोडीजल से संबंधित सभी लाइसेंसों की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है और अब तक उनका नवीनीकरण भी नहीं हुआ है। इसके बावजूद जिले में बायोडीजल के नाम पर विषैले और अवैध केमिकल की खुलेआम बिक्री जारी है, जिससे वैध पेट्रोल-डीजल विक्रेताओं को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

राजस्व को भी भारी चपत

व्यापारियों ने आरोप लगाया कि अवैध तेल कारोबार से न केवल वैध व्यापारियों को नुकसान हो रहा है, बल्कि सरकार को भी हर माह करोड़ों रुपये के राजस्व से हाथ धोना पड़ रहा है। डीलर्स के अनुसार, राजसमंद जिले में हर माह करीब 60 लाख लीटर जहरीला और अवैध तेल बेचा जा रहा है, जिससे राज्य सरकार को लगभग 23 करोड़ रुपये मासिक राजस्व हानि हो रही है।

पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर भी खतरा

संस्थान अध्यक्ष कैलाश चौधरी और महासचिव हेमंत लढ़्ढा ने कहा कि यह केवल आर्थिक या व्यापारिक नुकसान का विषय नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में कुछ इकाइयां बिना वैधानिक अनुमति के जहरीले तेल का उत्पादन और भंडारण कर रही हैं। राज्य सरकार की ओर से यह स्पष्ट आदेश जारी हैं कि वर्तमान में किसी भी बायोडीजल इकाई का लाइसेंस वैध नहीं है, बावजूद इसके कई स्थानों पर अवैध डिस्पेंसिंगयूनिट्स लगाकर खुलेआम बिक्री जारी है।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

डीलर्स ने मांग की कि प्रशासन तुरंत विशेष अभियान चलाकर इन अवैध गतिविधियों पर रोक लगाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पेट्रोलियम डीलर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को विवश होंगे, जिससे जिलेभर में ईंधन आपूर्ति ठप पड़ सकती है।

पीएम यात्रा में ईंधन आपूर्ति का भुगतान लंबित

पेट्रोलियम व्यापारियों ने प्रधानमंत्री की हालिया यात्रा के दौरान वाहनों के लिए की गई ईंधन आपूर्ति का भुगतान अब तक नहीं मिलने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भुगतान में लगातार देरी हो रही है, जिससे व्यापारियों को आर्थिक दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बकाया भुगतान शीघ्र नहीं हुआ, तो भविष्य में वे इस प्रकार की आपूर्ति करने में असमर्थ रहेंगे।

एसपी और रसद अधिकारी से भी मिले प्रतिनिधि

ज्ञापन सौंपने के बाद डीलर्स ने पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता से मुलाकात कर अवैध तेल कारोबार पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने जिला रसद अधिकारी को भी मामले से अवगत कराया और कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जिले में कोई भी बायोडीजल यूनिट वैधानिक स्वीकृति के बिना संचालित न हो

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