
सीता की मदद को पहुुंचे समाजसेवी, 62 हजार की आर्थिक मदद
अश्वनी प्रतापसिंह @ राजसमंद. सीता बाई गुर्जर की मदद के लिए समाजसेवी आगे आए हैं। रविवार व सोमवार को परिवार को करीब 6२ हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी तथा सीता की पुत्री पूजा के उपचार का आश्वासन दिया।
राजस्थान पत्रिका ने रविवार के अंक में 'हे! राम सीता पर दया करोÓ खबर प्रकाशित कर सीता तथा उसकी बेटी पूजा गुर्जर की स्थिति आमजन तक पहुंचाई। इससे समाज सेवी मानव सेवा की भावना से आगे आए और रविवार को चारभुजा पहुंचे तथा परिवार को आर्थिक सहायता दी।
गुजरात व राजस्थान में काम कर रहे आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट की ओर से संगठन
महामंत्री कैलाश सामोता व राष्ट्रीय अध्यक्ष
नानजी भाई गुर्जर के निर्देशन में राजस्थान शिक्षक संघ उप शाखा के पूर्व अध्यक्ष
बाबूलाल एचरा, भंवरसिह चौहान व आनंद गेस्ट हाउस संचालक सुरेशसिंह जोरमिया सीता बाई के घर पहुंचे तथा सीता की पुत्री पीडि़त पूजा से उसकी कुशलक्षेम पूछकर उसे 11 हजार रूपए रुपए की आर्थिक सहायता दी। साथ ही ट्रस्ट की ओर से उपचार करवाने का आश्वासन दिया।
शिक्षक ने भी की 11 सौ की आर्थिक मदद
खबर से प्रेरित होकर, सेवा भाव से राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बोरड के अध्यापक धर्मेन्दसिंह चौहान ने भी पीडि़त के घर पहुंचकर उन्हें 11 सौ रुपए की आर्थिक मदद की।
यह है मामला
आगरिया निवासी सीता बाई पत्नी स्व. धर्मचंद गुर्जर (५०) के दो बेटियां हैं, दोनों के हाथ पीले हो चुके हैं। बड़ी बेटी की ससुराल चारभुजा में है, छोटी की केलवा के पास एक गांव में। एक वर्ष पूर्व लम्बी बीमारी के बाद पति की कैंसर से मौत हो गई, जबकि उसकी छोटी बेटी पूजा का गवना नहीं होने से वह मां के साथ ही रहती है, तथा पिछले दो साल से अपंगता भरी जिंदगी जी रही है। इलाज में उसके तथा मां के गहने बिक गए, रिस्ते-नातेदारों से लाखों का कर्ज हो गया। अब उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं है, जिससे उसका आगे इलाज नहीं हो पा रहा है।
करौली से आई 50 हजार की मदद
सीता बाई गुर्जर की मदद के लिए करौली का गुर्जर मित्र समूह आगे आया है। समूह द्वारा सीता को सोमवार को 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद की गई है। यह राशि सीधे गुर्जर के खाते में भेजी गई है। इससे पूर्व रविवार को करीब 12 हजार रुपए की मदद हुई थी।
Published on:
05 Mar 2019 08:57 pm
