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फर्जी मेडिकल बिल उठाने व 3.5 करोड़ की कैशबुक गायब मामले में एसीबी ने 30 शिक्षा अधिकारियों का सर्विस रिकॉर्ड मांगा

एसीबी ने बारह बिन्दू की मांगी जानकारी, शिक्षा के साथ चिकित्सा महकमे में भी खलबली
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फर्जी मेडिकल बिल उठाने व 3.5 करोड़ की कैशबुक गायब मामले में एसीबी ने 30 शिक्षा अधिकारियों का सर्विस रिकॉर्ड मांगा

लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद

शिक्षकों के फर्जी मेडिकल बिल बनाकर लाखों रुपए का भुगतान उठाने और अनियमितता सामने आने पर खंड शिक्षा अधिकारी रेलमगरा से साढ़े तीन करोड़ की कैशबुक गायब करने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 30 जिला शिक्षा अधिकारियों का सर्विस रिकॉर्ड तलब किया है। इनमें जिला शिक्षा अधिकारी सहित कुछ अधिकारी सेवानिवृत हो गए, जबकि अन्य अधिकारी पीईईओ व प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत है। एसीबी द्वारा शिक्षा अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड से बारह बिन्दू की जानकारी मांगने से समूचे शिक्षा महकमे में खलबली मच गई है।

राजस्थान पत्रिका के 23 दिसम्बर 2014 से 'कैशबुक गुम, 3.5 करोड़ का हिसाब नहीं...Ó, 'फर्जी बिल से उठाए लाखों रुपए...Ó, 'गबन से गंभीर है भूल...Ó व 'दो महीने से कैशबुक की फाइल दफन...Ó सरीखे शीर्षक से खबरें प्रकाशित कर अनियमितता का खुलासा किया। उसके बाद रेलमगरा थाने में एफआईआर कर पुलिस ने जांच की। रेलमगरा, कुरज व पीपली अहिरान सहित आस पास के अस्पतालों से फर्जी मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाए और उसी के जरिये शिक्षकों के नाम कई फर्जी मेडिकल बिल बनाकर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय रेलमगरा से लाखों रुपए का अनैतिक भुगतान उठा लिया। हालांकि विभागीय जांच शुरू होने व पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद दर्जनों शिक्षकों से लाखों रुपए जो फर्जी मेडिकल बिल प्रस्तुत कर उठाए थे, वह सारी राशि वापस खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा भी करवा दी। गंभीर अनियमितता को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर ने 305/2014 प्रकरण दर्ज कर जांच की गई। अब एसीबी जयपुर द्वारा मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी समग्र शिक्षा राजसमंद को पत्र भेजकर 30 शिक्षा अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड की जानकारी मांगी गई है।

इन शिक्षाधिकारियों का मांगा रिकॉर्ड
पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम दैया, पूर्व एडीईओ प्रारंभिक मुकेश पालीवाल (राही) के साथ ही तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी, अतिरिक्त खंड शिक्षा अधिकारी, प्रधानाचार्य, वरिष्ठ लिपिक, कनिष्ठ लिपिक व केशियर शामिल है। भोलीराम सालवी, बद्रीलाल माली, श्यामलाल भांड, राजेन्द्र प्रसाद दाधीच, जगदीशचंद्र पालीवाल, श्रीमती लक्ष्मी पत्नी हीरालाल रेगर, रोशनलाल जाट, भंवरलाल, गिरधारीलाल माली, गोपाललाल जीनगर, प्रहलाद राय बडग़ुर्जर, कन्हैयालाल जीनगर, सुरेशचन्द्र जीनगर, मीठालाल शर्मा, लीला पुत्री फतहलाल आंचलिया, युसुफ मोहम्मद, कालू मीणा, आसिफ मोहम्मद, राजमल रेगर, मदनलाल यादव, नाथूलाल मीणा, शंकरलाल मेनारिया, रतनलाल रेगर, जमनालाल यादव, डालचंद मेनारिया, अर्जुनलाल शर्मा, अल्लानूर मंसूरी, गोवर्धनलाल जाट।

यह मांगी है जानकारी
कार्मिक/ अधिकारी का नाम, पद का नाम, वर्तमान पद स्थापन स्थल, सेवा संवर्ग, स्थायीकृत, जन्म दिनांक, सेवा में प्रवेश तिथि, सेवानिवृत दिनांक, वर्तमान वेतन, वेतन वृद्धि दिनांक, मासिक देय पेंशन।

डॉक्टर- मेडिकल भी शामिल
शिक्षकों द्वारा फर्जी मेडिकल बिल बनाकर लाखों रुपए उठाने के मामले में चिकित्सा महकमे के कई चिकित्सक भी शामिल है। चिकित्सकों द्वारा फर्जी तरीके से शिक्षकों के नाम इनडोर पर्चियां बनाई और उनके नाम पर कुरज स्थित एक मेडिकल स्टोर से दवाइयां उठाने की गड़बड़ी जांच में सामने आई। एसीबी की कार्रवाई से शिक्षा विभाग के साथ चिकित्साधिकारियों में भी खलबली मच गई।