
कायदे के बे्रक हटे तो बढ़ गई किराए की गति, सरकार को लग रही चपत
राजसमंद. समग्र सहकारी विकास परियोजना (आईसीडीपी) में बिना निविदा के ढाई हजार रुपए प्रतिदिन के आधार पर कार किराए लेकर दौड़ा रहे हैं। किराए की कार के लिए न तो परियोजना के नियमों का ख्याल रखा और न ही सरकार के स्थायी आदेशों की परवाह की। तय मापदंड के विपरीत दो से तिगुना महंगा किराया भुगतान किया जा जा रहा है, जिससे डेढ़ वर्ष में सरकार को लाखों की चपत लग गई। जानकारी के अनुसार समग्र सहकारी विकास परियोजना में तय राशि पर मासिक कार किराए पर लेने का प्रावधान है। फिर भी कुछ वर्षों से प्रतिदिन 2400 रुपए के किराए पर कार चलाई जा रही है। वित्त विभाग के स्थायी आदेश और परियोजना में तय मापदंड के मुकाबले दो से तिगुना ज्यादा कार का किराया दिया जा रहा है। इससे परियोजना महाप्रबंधक, वित्त प्रबंधक व अन्य कार्मिकों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि परियोजना में करीब तेइस से पच्चीस हजार रुपए मासिक किराए पर वाहन किराए पर लेने का प्रावधान है।
सरकार के यह है प्रावधान
किसी भी सरकारी महकमे में किराए पर वाहन लेने के लिए वित्त विभाग (बजट) जयपुर निदेशक शरद मेहरा ने 15 जुलाई 2015 को स्थायी आदेश जारी किए। इसमें तहसील स्तर के अधिकारी के लिए 1500 किमी. पर 20 हजार मासिक किराया तय है। जिला स्तरीय अधिकारी के लिए 2 हजा किमी. के लिए 23 हजार 625 रुपए और जिला व प्रदेशभर के लिए 2500 किमी. पर 25 हजार 75 रुपए किराया तय है। इससे ज्यादा वाहन चलने पर प्रति किमी. 7.25 रुपए किराया तय है, जिसमें सर्वाधिक वाहन 1500 किमी. अतिरिक्त चल सकता है।
ऐसे नहीं रख सकते कार
हर सरकारी महकमे में कार किराए पर लेने के लिए जुलाई 15 के स्थायी आदेश है। प्रतिदिन 2400 रुपए किराया तो तय मापदंड से बहुत ज्यादा है। अगर इस तरह से आईसीडीपी में कार ले रखी है, तो नियम विरुद्ध है। तय दो हजार किमी. तक का चलने पर 23625 किराया है और इससे ज्यादा किमी. कार चलने पर 7.25 प्रति किमी. भुगतान का प्रावधान है।
पारसमल पितलिया, लेखाधिकारी कलेक्ट्रेट राजसमंद
नियम से किराए पर ली कार
जब जरूरत पड़ती है, तब बाजार से 2400 रुपए किराए पर लेते हैं। परियोजना में मासिक किराए पर कार रखने का प्रावधान है, मगर महीनेभर कार की जरूरत ही नहीं पड़ती। वाहन खर्च के लिए सरकार ने जितना बजट दिया है, उसके मुकाबले काफी कम खर्च किया है। इससे सरकार का पैसा बचा है।
सुनीता सोनी, महाप्रबंधक समग्र सहकारी विकास परियोजना राजसमंद
Published on:
28 Jun 2018 10:13 am
