
गौरीदेवी के घर गुजारे पर संकट, बोली- माथे वेई ग्या लाखों रुपिया, अबे मुं कटऊ देऊ
लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद
फसल खराबे से आहत लेहरूलाल कीर के आत्महत्या करने के दूसरे दिन सोमवार को उसके घर कोहराम मचा रहा। पत्नी गौरीदेवी की अनवरत रुलाई से उसकी आंखें पथरा गई, आंसू सुख गए, मगर बार-बार सिसकते हुए एक ही बात बोलती रही अणी रीगणा री खेती रे वातरे लाखों रुपिया माथे करी दीदा। पालो पड़वाऊ सब खेतां रा रीगणा (बैंगन) खराब वेई ग्या, मैं बरबाद वेई गी। अबे मुं लोगां रो कर्ज कीतर उतारू। वे तो जीव लेईन जाता रिया, पण मुं तो नी मरी सकुं अर न जीवा हिम्मत री। अबे छोरा ने कीतर भणाऊ (पढ़ाई), कीतर घर गुजारो चलाऊं।
कुछ इसी तरह रोते, बिलखते हुए बार बार गौरीदेवी ईश्वर को कोसती रही कि आखिर उसने क्या बिगाड़ा। उसे क्यों अधूरी जिन्दगी में बेसहारा कर दिया। गौरीदेवी देहाती में बोली- म्हारी गरीबड़ी री बाल देखजो, म्हारे नाना- नाना बच्चा है। म्हारे घरवाळा खेती करीन अणी घर रो गुजारो चलाई रा हा। फसल बळी गी, तीन-चार लाख माथे वेई ग्या। अबे मुं कटऊ चुकाऊं। यह कहते कहते गौरीदेवी फफक पड़ी। पास में बैठी महिलाएं उसे दिलासा दे रही थी, मगर उसके मुंह से एक ही आवाज आ रही थी कि अबे म्हारे घर रो गुजारो मुं कीतर पार लगाऊं। लाखों रुपए माथे वेई ग्या, कटऊ चुकाऊं। घर के द्वार पर बैठे बड़े बेटे भैरू की आंखें भी अनवरत रुलाई से पथरा गई। पिता के निधन से आहत भैरू बोला- फसल बर्बाद कर दीदा। खेत में फसल अतरी खराब वेई गी, जने देख नी सक्या। फिर वह कुछ न बोल पाया, मगर आंखों से टपकते आंसू और लबों की सिसक ने उसके परिवार की तहंगाली, घर गुजारे के संकट की सारी कहानी कह दी। घर के बाहर दो दर्जन से ज्यादा लोग बैठे हुए थे, जो उनके बच्चों को सांत्वना देते हुए ईश्वर को कोसते रहे कि अरे! ये क्या कर दिया।
कर्ज से मकान भी अधूरा
लेहरूलाल ने खेती से घर गुजारे के साथ मकान का निर्माण शुरू किया, कर्ज बढऩे से मकान निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया। गौरीदेवी ने बताया कि अधूरे मकान व खेती की वजह से करीब तीन से चार लाख का कर्ज हो गया। कर्ज के साथ बैंगन फसल की बर्बादी से घबरा गए। फर्श नहीं हो पाई, तक दरवाजे के रंगाई, पुताई से लेकर सीढिय़ों पर फीनिशिंग का कार्य अधूरा रह गया।
विधायक ने दी सांत्वना
विधायक किरण माहेश्वरी ने मृतक किसान लेहरू लाल के परिजनों से उप सरपंच महेश आचार्य के जरिये बात कर सांत्वना दी। इस दौरान पूर्व सरपंच मनोहर कीर, नानालाल कीर, भैरूलाल कीर सहित कई ग्रामीण थे।
मिलना चाहिए दस लाख
पाले के प्रकोप से फसल खराब हो गई। पीपली आचार्यान में लेहरूलाल के परिवार को दस लाख रुपए का मुआवजा मिलना चाहिए। किसान हित के लिए हर स्तर की लड़ाई लड़ेंगे। किसानों के उचित हकत के लिए जरूरत पडऩे पर धरना देकर भी विरोध प्रदर्शन करेंगे।
किरण माहेश्वरी, विधायक राजसमंद
Published on:
01 Jan 2019 01:16 pm
