
राजसमंद. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजसमंद दल ने चिकित्सा विभाग के जिला कार्यालय से खाद्य अधिकारी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। खाद्य अधिकारी ने यह राशि डेयरी से दूध व अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने नहीं लेने की एवज में ली। एसीबी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी ने बताया कि पीपरड़ा बस स्टैंड पर क्षेत्रपाल डेयरी संचालक कालूसिंह चौहान ने 4 जनवरी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कार्यालय में खाद्य अधिकारी राम मिश्रा द्वारा 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगने की शिकायत की। उसी दिन एसीबी द्वारा सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगना सत्यापित हो गया। फिर एसीबी की तैयारी के मुताबिक बुधवार दोपह को रिश्वत की राशि देना तय हुआ। कालूसिंह दस हजार रुपए लेकर राजसमंद में सौ फीट रोड किनारे स्वास्थ्य भवन पहुंचा, जहां खाद्य अधिकारी के कक्ष में जाकर दस हजार रुपए की राशि दी। खाद्य अधिकारी मिश्रा ने रिश्वत की राशि टेबल के पास कर्टन में रखवा दी। यह इशारा पाते ही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो दल ने चिकित्सा विभाग कार्यालय में दबिश देकर खाद्य अधिकारी राम मिश्रा को पकड़ लिया और रिश्वत के दस हजार रुपए जब्त कर लिए। एसीबी दल द्वारा मिश्रा के कक्ष की गहन तलाशी ली गई। उसके बाद खाद्य अधिकारी को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कार्यालय ले गए, जहां उसके बयान पंजीबद्ध कर गहन जांच की गई।
दस दिन पहले धमकाने का आरोप
कालूसिंह ने एसीबी को बताया कि खाद्य अधिकारी ने 3 जनवरी को पीपरड़ा में कई दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए। तब उसकी डेयरी पर आकर डराया कि अगर कोई कार्रवाई नहीं करवानी है, तो उनके दफ्तर आकर मिलना। फिर चिकित्सा विभाग कार्यालय पहुंचने पर खाद्य अधिकारी ने वर्षभर ख्याल रखने के लिए 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। कालूसिंह ने तंगहाली के हालात बताते हुए इतनी राशि देने में असमर्थता जताई, तो खाद्य अधिकारी ने चेताया कि उसे वर्षभर के लिए 10 हजार रुपए तो देने ही पड़ेंगे। इससे परेशान होकर कालू सिंह ने 4 जनवरी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
Published on:
10 Jan 2018 07:16 pm
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