
अश्वनी प्रतापसिंह @ राजसमंद. लेबर रूम में प्रसुताओं की सुविधा के साथ ही आवश्यक दवाइयां एवं उपकरणों की उपलब्धता, साफ – सफाई, संक्रमण के नियंत्रण के उपाय, प्रसूता की निजता एवं गरिमा के सम्मान का पालन करने जैसे कई महत्वपूर्ण मापदण्डों को लेकर जिले में बुधवार को अधिक प्रसव भार वाले 28 चिकित्सा संस्थानों के लेबर रूम का गहनता से अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों को अधिकारियों ने नोट किया तथा 15 फरवरी को स्वास्थ्य भवन में बैठक कर समीक्षा की जाएगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पंकज गौड़ ने बताया की निरीक्षण पर गए सभी अधिकारियों को लेबर रूम मापदण्डानुसार एक विस्तृत चेक लिस्ट दी गई है, जिसके तहत लेबर रूम में पाई गई कमियों को उल्लेखित करना होगा।
जिले में सीएमएचओ डॉ. पंकज गौड़ ने सीएचसी कांकरोली, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश मीणा ने सीएचसी केलवा, प्रभारी जिला औषधि भण्डार डॉ. अनिल जैन ने सीएचसी भीम, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रामनिवास जाट ने पीएचसी ओड़ा, डिप्टी सीएमएचओ हैल्थ डॉ राजकुमार खोलिया ने पीएचसी छापली, डिप्टी सीएमएचओ परिवार कल्याण डॉ एमएल मीणा ने सीएचसी देलवाड़ा, बीसीएमओ डॉ जेपी बुनकर ने सीएचसी केलवाड़ा सहित अन्य अधिकारियों ने सीएचसी व पीएचसी के निरीक्षण किए। अब 15 फरवरी को जिला स्तर पर बैठक आयोजित कर फीडबैक लिया जाएगा तथा चिकित्सा संस्थान पर चिकित्सा सुविधाओं को लेकर एक प्रस्तुतिकरण देना होगा। जिसमें प्रत्येक लेबर रूम के 5 फोटो भी लाने हैं। जहां कहीं भी कमियां मिलेंगी तुरंत सुधार की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लापरवाह कार्मिकों पर कार्रवाई की जाएगी।