
आमजन आखिर क्या कर रहे ऐसा कि खुद की सेहत, पर्यावरण को पहुंचा रहे नुकसान
देवगढ़. राज्य में पॉलीथिन पर पाबंदी को करीब आठ साल से ज्यादा हो गए। लेकिन, देवगढ़ मे इसका न सिर्फ उपयोग, बल्कि धड़ल्ले से बिक्री भी हो रही है।
पॉलीथिन व प्रतिबंधित डिस्पोजल का उपयोग धड़ल्ले से जारी रहने से यह लोगों की सेहत तो बिगाड़ ही रही है, पशुओं के लिए जानलेवा बनी हुई है। वहीं, इसी तरह कचरे में व सडक़ों पर पॉलीथिन व डिस्पोजल डाले जाते रहे तो ये नगर के नाले और नालियों में जमा होकर उन्हें जाम कर देंगे। ऐसे में बारिश के दौरान भी पालिका व प्रशासन की ओर से नालों की सफाई नहीं की गई तो इनके जाम होने से नगर में सडक़ों पर व बस्तियों में भारी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग सिर्फ कभी-कभार पॉलीथिन जब्त कर महज खानापूर्ति कर लेेते हैं, लेकिन इन पर स्थायी तौर पर पाबंदी लगाने में कभी गंभीरता नहीं दिखाते। पशु चिकित्सकों के अनुसार जाने-अनजाने में गाय सहित अन्य पशु विचरण करते हुए पॉलीथिन को भी खा लेते हैं, जिससे अब तक कई मवेशी अकाल मौत के शिकार हो चुंके हैं।
ठेलों से लेकर दुकानों तक उपलब्ध
नगर में ठेले वालों से लेकर दुकानदार तक पाबंदी के बावजूद बिना किसी डर से ग्राहकों को पॉलीथिन में ही सामान दे रहे हैं। इसमें फल-सब्जी से लेकर अन्य तैयार खाद्य सामग्री तक शामिल है। इसके साथ ही पॉलीथिन और प्रतिबंधित डिस्पोजल की बिक्री भी यहां बिना किसी डर के की जा रही है।
कार्रवाई छोटे स्तर पर ही
पॉलीथिन का उपयोग घातक होने के बावजूद नगर के लोगों में जागरुकता का अभाव होने से वे इसका भरपूर उपयोग कर रहे हैं। वहीं, विभाग की ओर से अब तक की गई कार्रवाई भी फौरी ही हुई है। इसमें वे छोटे व्यापारियों पर तो कार्रवाई करते हैं, लेकिन बड़े दुकानदारों और पॉलीथिन के गोदामों की ओर तो उनका रुख ही नहीं होता है।
जल्द होगी कार्रवाई
हमारी तरफ से नगर पालिका को सूचित किया जा चुका है, फिर भी जल्दी कार्यवाही करवाते हैं।
केआर चौहान, उपखण्ड अधिकारी, देवगढ़
Published on:
08 Jul 2018 04:34 pm
