
राजसमंद में राशन की दुकान के बाहर बैठी महिलाएं
राजसमंद. जिले में रसद विभाग की ओर से अब जल्द खाद्य सुरक्षा के लाभान्वित चुनिंदा परिवारों को घर बैठे गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से तैयारी शुरू कर दी है। जिले में ऐसे परिवारों की संख्या 24,800 के करीब है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत प्रदेश में योजना शुरू की गई है, इसमें ऐसे परिवार जिनके सभी सदस्य 18 वर्ष से कम या 60 वर्ष से अधिक आयु के अथवा नि:शक्त हैं जो राशन लेकर आने में असमर्थ हैं उन्हें घर बैठे राशन मिलेगा। यह सुविधा इसी माह से शुरू की गई है। गेहूं की डिलीवरी 10 किलो के बैग में की जाएगी। डीलर की ओर से घर-घर गेहूं उपलब्ध कराने पर नियमानुसार अलग से मानदेय देने का भी प्रावधान किया गया है। उक्त सुविधा के शुरू होने से उपभोक्ता को राशन की दुकानों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे और लाइन में में लगने के चक्कर से भी मुकित मिलेगी। जिले में सर्वाधिक राजसंमद पंचायत समिति क्षेत्र में 5027 और कुंभलगढ़ में 3586 परिवार है, जिन्हें घर जाकर गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जिले में 529 राशन की दुकानें संचालित है। इसमें 430 दुकानें पंचायत समिति क्षेत्र में और शेष ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में संचालित है।
प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने मुख्यमंत्री नि:शुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकट योजना का शुभारंभ पिछले साल 15 अगस्त को किया था। इसमें जिले के करीब 2.20 लाख उपभोक्ताओं को प्रतिमाह एक सीलबंद फूड पैकेट में दाल-1 किग्रा, चीनी-1 किग्रा, नमक-1 किग्रा, मिर्च पाउडर-100 ग्राम, धनिया पाउडर-100 ग्राम, हल्दी पाउडर 50 ग्राम और एक अलग पैकेट में एक लीटर सोयाबीन रिफाइंड तेल पाउच उपलब्ध कराए गए। यह योजना कुछ दिन तो चली, विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा की सरकार बन जाने पर मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
जिले में 24,800 परिवारों को घर पर गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए तैयारी की जा रही है। इसमें 18 वर्ष से कर्म, 60 वर्ष से अधिक एवं दिव्यांग उपभोक्ताओं को यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
Published on:
05 Jul 2024 12:42 pm
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