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राजस्थान के इस शहर के खो गए सीवरेज के चैम्बर, अब ढूंढना हो रहा मुश्किल

पिछले सात दिनों से भगवानदास मार्केट के सामने चैम्बर से निकल रहा गंदा पानी आगे नहीं मिल रहे चैम्बर, मेटेल डिटेक्टर-इक्युपमेंट उपलब्ध कराने को लिखा पत्र शहर में 2012-16 में रूडीप के माध्यम से 33 किमी बिछाई गई थी सीवरेज लाइन

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शहर में सीवरेज के चैम्बर से निकलता गंदा पानी

राजसमंद. शहर में सीवरेज के चैम्बर किस-किस जगह है इसकी जानकारी नगर परिषद को भी नहीं हैं। नगर परिषद के कार्मिक अंदाजा लगाकर सडक़ की खुदाई करके चैम्बरों को ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। नगर परिषद ने रूडीप से सीवरेज का नक्शा भी मंगवाया। साथ ही नगर परिषद ने सीवरेज की सफाई का कार्य देख रही फर्म को मेटेल डिटेक्टर और हिल्टी ब्रेकर इक्युपमेंट उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा गया है। शहर के जलचक्की रोड स्थित भगवानदास मार्केट के निकट पिछले सात दिनों से सीवरेज के चेम्बर से गंदा पानी निकल रहा है। इस चौक चैम्बर को खोलने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। अनवरत पानी निकलने के कारण बीच रोड पर बड़ा गड्ढ़ा हो गया है। इसमें मुख्य बात यह है कि उक्त चैम्बर के आगे सीवरेज के चैम्बर कहां पर इसकी किसी को जानकारी नहीं हैं। लगातार रोड बनने से चैम्बर रोड के नीचे दब गए। इसके कारण अंदाजे से चैम्बर को ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है। बुधवार को सुबह नगर परिषद की जेसीबी के माध्यम उक्त चैम्बर के आगे कुछ दूरी पर रोड की खुदाई कर चैम्बर को ढूंढा गया, चैम्बर के निकलते ही उससे पानी रोड पर बहने लगा, वर्तमान में चैम्बर से पानी बह रहा है। इसके आगे चैम्बर कहां इसकी जानकारी किसी को नहीं होने के कारण नगर परिषद की ओर से एक कार्मिक को भेजकर उदयपुर स्थित रूडीप से सीवरेज का नक्शा मंगवाया गया है, लेकिन उससे भी कुछ खास जानकारी नहीं मिल पा रही है।

कमल तलाई में खोले चैम्बर, नहीं मिली सफलता

परिषद की टीम ने बुधवार को कमल तलाई क्षेत्र में सीवरेज के चैम्बर को खोला। उसमें रोबोट और सीवर सफाई जेटिंग मशीन से साफ भी किया गया, इसके बावजूद भगवानदास मार्केट के सामने से चैम्बर से सीवरेज का पानी निकलना बंद नहीं हुआ। ऐसे में गुरुवार को फिर से सीवरेज का आगे का चैम्बर ढूंढने का प्रयास किया जाएगा।

28 करोड़ की लागत से बिछी थी सीवरेज

शहरी क्षेत्र में शहरी विकास विनियोजन परियोजना (रूडीप) के माध्यम से प्रथम फ्रेज में सीवरेज लाइन बिछाई गई। यह कार्य 2012 से 2016 के बीच हुआ। इसके तहत करीब 33 किलोमीटर सीवरेज लाइन बिछाई गई थी। इस पर करीब 28 करोड़ रुपए खर्च हुए। एक एसटीपी और दो पपिंग स्टेशन बनाए गए। एसटीपी प्रतापपुरा में है।

यह लिखा पत्र में, मांगी जल्द मशीनें

नगर परिषद की ओर से जैन रोबोटिक इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड को पत्र लिखा। पत्र में बताया कि कम्पनी की ओर से किए जा रहे कार्य में सीवरेज मैनहोल चेम्बर सफाई के स्कोप में सीवरेज के चेम्बर को ढूंढकर चेम्बर को खोलकर सीवरेज लाइन चौकिंग को खोलने का कार्य भी सम्मलित है। उन्होंने बताया कि कम्पनी की ओर से लगाए गए कर्मचारी सीवरेज लाइन सफाई के दौरान रोड के नीचे दबे चैम्बरों को नहीं खोल रहे हैं। इसके कारण सीवरेज के चैम्बरों से पानी निकल रहा है। शीघ्र मैनहोल चैम्बर को ढूंढने के लिए मेटेल डिटेक्टर मशीन एवं सीवरेज के ढक्कनों को खोलने के लिए हिल्टी ब्रेकर मशीन कार्य स्थल पर आपके कर्मचारियों को उपलब्ध कराएं।

चैम्बर नहीं मिल रहा है, कम्पनी को लिखा पत्र

जलचक्की के निकट रोड बनने के कारण सीवरेज के आगे के चैम्बर नहीं मिल रहे हैं। उदयपुर से नक्शा भी मंगा लिया है। सफाई का कार्य करने वाली कम्पनी को मेंटेल डिटेक्टर मशीन एवं हिल्टी ब्रेकर मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। समस्या का जल्द समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • तरूण बाहेती, एक्सईएन नगर परिषद राजसमंद

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