
मजेरा के मूलनायक मंदिर की प्रतिष्ठा को लेकर जैन संतों का मंगल प्रवेश
प्रमोद भटनागर
कुंभलगढ़. मजेरा में नवनिर्मित जैन मन्दिर में मूलनायक भगवान के प्रवेश को लेकर बुधवार को जैन संतों कां गाजे-बाजे के साथ मंगल प्रवेश हुआ।
मजेरा में प्रवेश से पूर्व जैन संतों ने ओलादर में गोपाल हिंगड़ के यहां रात्री विश्राम किया। वहां से अल सुबह बैण्डबाजों के साथ मजेरा में प्रवेश किया। इस दौरान मोहनलाल कोठारी एवं मांगीलाल मेहता के परिवार की महिलाओं ने संतों के समक्ष चावल से गुणी सजाकर स्वागत किया। वोराठ के सबसे बड़े सप्त शिखर जैन मन्दिर में १५ फरवरी को मूलनायक शांतिनाथ भगवान का मंगल प्रवेश पूर्ण विधी-विधान एवं अनुष्ठान के साथ प्रन्यास प्रवर विरल विजय एवं सूर्य शेखर की पावन निश्रा में सम्पन्न होगा। इसके लिए जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक सकल संघ मजेरा ने तैयारियां पूरी कर ली है। नवनिर्मित मन्दिर में सात शिखर एवं एक रंग मंडप है।
संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश मेहता ने बताया कि शुक्रवार को शुभ मुहुर्त में भगवान शांतिनाथ का मन्दिर में धूमधाम से मंगल प्रवेश होगा। उसके लिए बुधवार को जैन संतों का मंगल प्रवेश हुआ। मन्दिर की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आगामी २४ अप्रेल को आचार्य रविशेखर की पावन निश्रा में पूर्ण विधी-विधान एवं अनुष्ठान के साथ होना तय हुआ है। मेहता ने बताया कि इससे पूर्व १७ अप्रेल से अंजनशलाका का नौ दिवसीय कार्यक्रम प्रारंभ होगा। इसमें प्रतिदिन पूजन, हवन एवं अन्य अनुष्ठान के अलावा प्रभु भक्ति का कार्य अविरल चलेगा। इस दौरान मंत्री फतहलाल हिंगड़, धर्मचन्द कोठारी, महेन्द्र कोठारी, बाबूलाल मेहता, बाबूलाल हिंगड़, जीवराज मेहता, चांदमल सिंघवी, कुसुम सिंघवी, पूनमचन्द्र हिंगड़, सोहनलाल लोढ़ा, मोहनलाल कोठारी, मांगीलाल मेहता, रमेश सिंघवी, विपुल हिंगड़ मौजूद थे।
Published on:
13 Feb 2019 09:47 pm
