
सावधान हो जाइए, पैर पसार रहा स्क्रब टाइफस
अश्वनी प्रतापसिंह @ राजसमंद. जिले में स्क्रब टाइफस पैर पसार रहा है, इसके चलते दो माह में १२४ से ज्यादा पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। चिकित्सा विभाग ने निपटने के लिए अलर्ट जारी करते हुए सर्वे शुरू कर दिया है तथा संभावित मरीजों को मौके पर ही दवा वितरित की जा रही हैं। राजस्थान में सबसे ज्यादा स्क्रब टाइफस के मामले राजसमंद में ही सामने आ रहे हैं। गतवर्ष के मुकाबले भी इसबार ज्यादा मामले सामने आए हैं। गौरतलब है कि वर्ष २०१६ में स्क्रब टाइफस से एक महिला की मौत भी हो गई थी।
क्या है स्क्रब टाइफस
स्क्रब टाइफस संक्रामक बीमारी नहीं है। यह चिगर्स नामक घुन (पिस्सू) के काटने से होती है। जांच के दौरान इसमें मलेरिया व डेंगू निगेटिव आता है। यह सीधे लीवर और किडनी को खराब करती है। हालांकि इस बीमारी का समय से रोग की अवधि दो से तीन सप्ताह की होती है। यह बुखार जानलेवा होता है इसलिए बिना किसी देरी के तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है। साथ ही अपने पशुओं एवं पशुओं के बाड़ों की नियमित साफ सफाई करना तथा घर के आस-पास खरपतवार व घास को हटाते रहें।
जिला व नाथद्वारा में होती है जांच
स्क्रब टाइफस की जांच की सुविधा जिले के राजसमंद अस्पताल तथा नाथद्वारा के जिला चिकित्सालय में निशुल्क है। अभीतक जो मामले चिंहित हुए हैं, वह इन अस्पतालों से हुए हैं।
बीमारी के लक्षण
-मांस पेशियों में दर्द होता है।
-शरीर के किसी भाग में लाल दाने उभरते हैं।
-पिस्सू के काटने वाली जगह पर काला धब्बा (फफोला) बनकर गांठ बन जाता है।
-सर्दी देकर बुखार आता है।
-शरीर दर्द के साथ ही सिरदर्द होता है।
-बुखार के साथ अत्याधिक पसीना आता है।
क्या करें
-पूरी बांह के कपड़े पहनकर रहें।
-घर से बाहर जाते समय जूते-मोजे पहनें।
-घर के आस-पास घास-फूस की सफाई रखें।
-चूहों से बचाव करें।
-चिकित्सक की देखरेख में दवाई लें।
-पालतू जानवरों देखरेख रखें, उन्हें साफ रखें।
-बीमार होने पर तुंरत डॉक्टर को दिखाएं
नहीं करें...
-व्यस्त पार्क या बड़ी घास वाले जंगल क्षेत्र में न जाएं।
-घर के आस-पास झाडिय़ां न उगने दें।
-घर के बगीचे में गंदगी न होने दें।
विभाग करवा रहा सर्वे
चिकित्सा विभाग ने बीमारी से निपटने के लिए सर्वे शुरू किया है। जिसके तहत एएनएम, स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं तथा पॉजीटीव पाए जाने वाले रोगियों के घरों में एवं आसपास के 50 घरों में पायरेथ्रम का फोकल स्प्रे एवं नियमानुसार पायरेथ्रम से फोगिंग कार्य करवाया जा रहा है। वहीं पशुपालन विभाग के साथ संयुक्त रूप से पशुओं पर पाये जाने वाले बाहरी परजीवी पर नियंत्रण दवा लगाई जा रही है।
घबराएं नहीं, उपचार करवाएं
जिले में स्क्रब टाइफस के प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए पशुपालन विभाग के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की जा रही है। इस बीमारी का पूरा उपचार है, घबराने की कोई बात नहीं है। इसके लक्षण दिखने पर समय से चिकित्सक से जांच करवाएं। चिकित्सा विभाग का सर्र्वे चल रहा है, यहां संभावित मरीजों को दवा भी दी जाती हैं।
-डॉ. पंकज गौड़, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, राजसमंद
Published on:
24 Sept 2018 11:50 am
