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घर के सदस्यों का भरोसा जीतकर किया ऐसा घिनोना काम, जिससे पवित्र रिश्ता हुआ तार तार

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aaropi

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राजसमंद.
रिश्ता पड़ोसी का था, मगर परिजनों का उस पर विश्वास अपनों से भी ज्यादा था। घर के सदस्य की तरह कभी भी आता जाता रहता। तभी तो उसे घर में कौनसी चीज कहां पड़ी है, सबकुछ पता था। जब घर के सभी सदस्य मंदिर चले गए, तब सूने मकान में घुसकर चाबी से अलमारी का लॉक खोलकर 20 लाख के सोने-चांदी के जेवर व नकदी पार कर ली। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कर चोरी का सारा माल बरामद कर लिया।

थाना प्रभारी गोविंदसिंह ने बताया कि 8 जुलाई की रात को बड़लिया निवासी देऊबाई पत्नी भगवानलाल कुमावत के घर से 20 लाख की चोरी हो गई। घटना के बाद गठित पुलिस दल में एएसआई मोहन सिंह, हंसराज, पवन कुमार, छोगालाल, विक्रमसिंह ने चौदह दिन तक कड़ी निगरानी कर गहन जांच की। फिर संदिग्ध गतिविधि पर बड़लिया निवासी लक्ष्मण (27) पुत्र मांगीलाल कुमावत को थाने लाकर पूछताछ की, तो चोरी करना कबूल लिया।

पिता की पेठ से बना विश्वास

शातिर चोर लक्ष्मण के पिता मांगीलाल लंबे समय से भगवानलाल कुमावत का ट्रेक्टर चलाता है। ड्राइविंग की नौकरी में मांगीलाल ने ईमानदार छवि कायम की। इसी के चलते भगवानलाल व उसकी पत्नी देऊ बाई के सभी लोग चालक मांगीलाल के साथ उसके बेटे लक्ष्मण से भी घर के सदस्य की तरह अटूट विश्वास करने लगे। इसी विश्वास का फायदा उठाते हुए लक्ष्मण ने चोरी की इस वारदात को अंजाम दिया और उसके पिता के उम्रभर के पवित्र रिश्ते को तार तार कर दिया।

खेत खड्ढा कर छुपाए थे जेवर
8 जुलाई की रात करीब 20 लाख के जेवर चुराने के बाद शक से बचने के लिए उसे खेत पर खड्ढा खोद कर गाड़ दिए। 50 हजार की नकदी जेब में रखी, जिससे कुछ पैसे कर्जे के चुका दिए और ज्यादातर पैसे मौज- मस्ती, घूमने-फिरने में उड़ा दिए। उसकी जेब 18 हजार रुपए बचे, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिए। सोने-चांदी के जेवर चुराए 60 तोला सोने के जेवर : 2 बाजुबंध, 6 चैन, एक मंगलसूत्र, दो पटिया, एक टड्डा, चार चुडिय़ा, दो पाटला, झुमरिया, पांच अंगुठिया, एक कड़ा, बालिया, कान के टॉप्स, रामनामी, दो मादलिया, आदि। डेढ़ किलो चांदी के जेवर : कंदौरा, सटक, दो जोड़ी पायजेब नकदी : 50 हजार रुपए