
ढेलाणा भेरूनाथ में जवारा विसर्जन पर उमड़ा श्रद्धा का ज्वार
आईडाणा. क्षेत्र के प्रसिद्ध ढेलाणा भेरूनाथ के नवरात्रा महोत्सव के अंतिम दिन शुक्रवार को जवारा विजर्सन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
जवारा विसर्जन मंदिर से करीब एक किलोमीटर दूर चन्द्रभागा नदी पर किया गया। जवारा विसर्जन के लिए दोपहर बाद 3.30 बजे मुख्य मंदिर में आरती के बाद पराम्परागत रवानगी हुई। इसमें आठ से दस भोपों के हाथ में मोर पंख के साथ मंदिर में रोपे ज्वारा लिए हजूरिया भोपा चल रहा था। जवारा यात्रा के शुरू होते ही भक्तो का पूरा हुजूम पीछे लग गया। सबसे आगे ध्वज पताका लिए श्रद्धालु चल रहे थे। इसके पीछे बैण्ड एवं थाली-मादल बजाते कलाकार चल रहे थे। शाम करीब 4 बजे शोभायात्रा चन्द्रभागा नदी पहुंची, जहां गुंदीमाता, गराड़ीमाता, खाखरिया भेरूनाथ के यहां से भी ज्वारा यात्रा आने के बाद परंपरा के अनुसार सभी रस्में पूरी करने के बाद विसर्जन किया गया। इसके बाद करीब 5.30 बजे परम्परागत रूप से गराड़ी माता के भोपे द्वारा समय बंचावणी की गई। इसमें वर्षा, बीमारी एवं फसलों सहित रोजमर्रा की चींजो के मूल्य में उतार-चढ़ाव के बारे में भविष्यवाणी की गई। इस दौरान भैरूनाथ विकास ट्रस्ट समिति अध्यक्ष जगदीश पालीवाल, कोषाध्यक्ष भैरूलाल कुमावत, सचिव मथुरालाल कुमावत, उपाध्यक्ष सुरेश कोठारी, लक्ष्मीलाल कुमावत, उप कोषाध्यक्ष गोपीलाल कुमावत मौजूद थे।
‘ले फोटो ले ढेलाणा दरबार में’
गुरुवार रात्रि को ढेलाणा भेरूनाथ मंदिर पर भजन संध्या का आयोजन भी किया गया। संगीता मयुजिक ग्रुप आगरिया के कलाकारों दिनेश राणा ने गणपति वन्दना के साथ शुभारंभ किया। इसके बाद मुधबाला राव, संगीता कुमावत, अर्जुन राणा ने भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को सुबह तक भक्ति की डोर में बांधे रखा। बाल कलाकार कोमल प्रजापत ने भव नृत्य प्रस्तुत कर श्रोताओं को दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर कर दिया। डांसर सोनू कोटा एवं रघुवीर सेन कोटा ने भी आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए। कॉमेडी कलाकार जरसिया मारवाड़ ने बीच-बीच में श्रद्धालुओं कका मनोरंजन भी किया।
रिछेड़. क्षेत्र के आमज माता मंदिर एवं चावण्डा माता मंदिर पर गुरुवार शाम को जवारा को लेकर ढोल व थाली की थाप पर जयकारा के साथ विर्सजन किया। इस अवसर पर विधायक सुरेन्द्रसिंह राठौड़, पूर्व विधायक गणेशसिंह परमार एक साथ ही आमज माता मंदिर पहुंचे। कार्यक्रम में गोपालसिंह सोलंकी, शंभुसिंह, केसरसिंह, वीरमसिंह, चुन्नासिंह, कुम्भलगढ़ के पूर्व प्रधान सूरतसिंह, उपप्रधान नारायणसिंह, पुजारी अंबालाल सेवक एवं मोटासिंह मौजूद थे। शुक्रवार को वरकण माता मंदिर पर सुबह पांच बजे मादल व थाली की थाप पर जवारा लेकर अंबुड़ा बावड़ी में विसर्जन किया गया।
चारभुजा. खेड़ा देवी मंदिर से शुक्रवार को शोभायात्रा निकाली गई। मंदिर से पुजारी गोपाल भील ने मां की प्रतिमा की आकर्षक झांकी सजाकर शोभायात्रा रवाना की। गुलाल-अबीर उड़ाते व जयकारे लगाते शोभायात्रा प्रमुख मार्गों से होकर पुन: माता के मंदिर पहुंची। मंदिर में समाजसेवी बाबूभाई राठौड़ द्वारा माता की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की, जिसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। इधर, स्वयं सेवक संघ द्वारा इमली वाले हनुमान मंदिर पर अस्त्र-शस्त्रों का पूजन पं. उमेश द्विवेदी के सानिध्य में किया गया।
रेलमगरा (एस.). उपखंड मुख्यालय सहित आसपास के विभिन्न गांव के शक्तिपीठों पर शारदीय नवरात्र का समापन रात्रि जागरण एवं विसर्जन के साथ हो गया। ग्राम चराणा में आवरामाता व मेणिया में चामुंडा माता मंदिर में शुक्रवार को विसर्जन यात्रा निकाली गई। गांव के हनुमान मंदिर, मैन बाजार, चारभुजा मंदिर, सोनी मोहला, जाट मोहल्ला, चार रास्ता होते हुए तालाब पर पहुंची, जहां विसर्जन किया गया।
हवन के बाद जवारा विसर्जन
आमेट. नगर के मध्य सोनारी माताजी के नवरात्रि महोत्सव के तहत शुक्रवार को जवारा विसर्जन किया गया। महोत्सव के तहत नगर के सभी शक्तिपीठों पर आखिरी दिन शुक्रवार को नेजा व निशान के साथ में परम्परानुसार शोभायात्रा निकाली, जिसके बाद जवारा विसर्जन किया गया। सोनारी माता की शोभायात्रा मन्दिर से रवाना होकर प्रमुख मार्गों से रानेराव तालाब पहुंची, जहां विसर्जन किया गया। इसके बाद भोपा ओमप्रकाश सोनी ने आगामी वर्ष में अच्छी बारिश के साथ ही बीमारियों का प्रकोप ज्यादा रहने की बात नेजा पर चढक़र माता जी के आशीर्वाद वचन के साथ कही।
पीपली आचार्यान. अरड़किया गांव में चावण्डामाता, कालकामाता शक्तिपीठों पर शुक्रवार को जवारा विसर्जन के लिए शोभायात्रा निकाली गई। विसर्जन अरड़किया तालाब पर परंपरागत रूप से किया गया। पीपली आचार्यान में गुरुवार को भरका देवी, मगरी स्थित चावण्डा माता, चौथमाता, कीरों के मोहल्ले में महाकाली आदि शक्तिपीठों का जवारा विसर्जन के साथ नवरात्रा महोत्सव का समापन हुआ। विसर्जन खेमसागर तालाब में किया गया। एमड़ी में कालका माता एवं दोवड़ा माता की जवारा विसर्जन शोभायात्रा तालेड़ी पहुंची, जहां विसर्जन किया गया।
प्रतिमा का किया विसर्जन
सेमा. कस्बे में स्थित मुख्य चौपाल पर स्थापित मातारानी की मृण प्रतिमा का शारदीय नवरात्रि की पूर्णाहुति के बाद शुक्रवार को दोपहर बाद शृंगारित करके विसर्जन किया गया। कस्बे में धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई, जो गाजे-बाजे के साथ मुख्य मार्गों से होकर बनास नदी की पुलिया पर पहुंची। यहां पर सैकड़ों श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच विसर्जन किया गया। इससे पूर्व पं. सतीश चन्द्र श्रीमाली द्वारा प्रतिमा को पंचामृत से स्नान करवाया और पूजा की। शाम को आयोजन समिति के द्वारा सोमनाथ महादेव मंदिर पर सामूहिक प्रसादी का आयोजन भी किया गया। इस दौरान उप सरपंच रवीन्द्र श्रीमाली, संदीप पी श्रीमाली, प्रकाश श्रीमाली, रोहित श्रीमाली, गोपाल श्रीमाली मौजूद थे।
कुंवारिया. जाटियाखेड़ा में भोलेनाथ नवयुवक मित्रमंडल के तत्वावधान में नवरात्रि महोत्सव के तहत शुक्रवार को डीजे पर शोभायात्रा निकालकर गांव के सरोवर में मां की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान ग्रुप के नारायण लाल सुथार, रोशन जाट, जगदीश चन्द्र जाट, नरेश जाट, नारायण लाल डावला, आदि मौजूद थे। इसी तरह झौर में भी गरबा की धूम माताजी की मूर्ति विसर्जन के साथ थम गई। गुरुवार शाम सात बजे से सियाराम मित्र मंडल ओर समस्त ग्रामवासियों के सानिध्य में 12 घंटे की अखण्ड रामधुन का आयोजन भी किया गया।
Published on:
20 Oct 2018 12:42 pm
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