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VIDEO : उबड़-खाबड़ सड़कों से विश्व विरासत कुंभलगढ़ के प्रति विदेशी सैलानियों का मोहभंग

लेकसिटी उदयपुर, राजसमंद, नाथद्वारा गोमती से जुड़े चार मार्ग हैं बदहाल- कुंभलगढ़ भ्रमण को आ रहे विदेशी सैलानी घटे
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VIDEO : उबड़-खाबड़ सड़कों से विश्व विरासत कुंभलगढ़ के प्रति विदेशी सैलानियों का मोहभंग

लक्ष्मण सिंह राठौड़ @ राजसमंद

चीन के बाद विश्व में दूसरी सबसे लंबी दीवार के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध ऐतिहासिक कुंभलगढ़ भ्रमण के लिए आ रहे विदेशी सैलानी दिनों-दिन घट रहे हैं। इसकी बड़ी वजह यहां के खस्ताहाल रास्ते हैं। उदयपुर, राजसमंद और नाथद्वारा जैसे बड़े पर्यटन स्थलों तक आए सैलानियों को कुम्भलगढ़ का ख्याल आते ही उनकी ललाट पर सिलवटें आ जाती हैं। दुर्ग तक जाने वाली चारों तंग व ऊबड़ खाबड़ सड़कों की वजह से टूरिस्ट कंपनियों ने भी पर्यटन सर्किट रूट से कुंभलगढ़ को हटा दिया है।

कुंभलगढ़ दुर्ग को उदयपुर, रणकपुर (पाली), नाथद्वारा, राजसमंद और गोमती-चारभुजा से जोडऩे वाली सड़कों पर जगह-जगह गहरे खड्ढे हो गए हैं। ये सड़कें औसतन ५०-५० किलोमीटर लम्बी हैं। खराब मार्ग की दशा सुधारने सरकार ने उदयपुर से कुंभलगढ़ की सड़क को नेशनल हाइवे 16 2 घोषित कर दिया था, मगर इसकी मरम्मत अभी तक नहीं हो पाई है। खराब सड़कों की वजह से देसी-विदेशी पर्यटकों का मोह भंग होने लगा है और विश्व विरासत की छवि धुमिल हो रही है। अक्सर उदयपुर से रणकपुर जाने वाले पर्यटक कुंभलगढ़ होकर ही जाते थे, मगर टूरिस्ट कंपनियों ने सरकार की उदासीनता को देखते हुए रूट को ही बंद कर दिया। इस वजह से पिछले पांच वर्षों में लगातार विदेशी पर्यटकों की तादाद घट रही है।

कागजों में रह गई घोषणाएं
1997 में प्रताप जयंती पर कुम्भलगढ़ पहुंचे तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और मुख्यमंत्री भैरू सिंह शेखावत ने दुर्ग तक परिवहन सेवा शुरू करने व उदयपुर से कुंभलगढ़ मार्ग का नाम महाराणा प्रताप मार्ग रखने की घोषणा भी की थी। पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई, मगर सारे प्रयास सिर्फ कागजों तक ही सीमित होकर रह गए।

वल्र्ड हेरिटेज का दर्जा, फिर भी उपेक्षित
कुंभलगढ़ दुर्ग को वल्र्ड हेरिटेज का दर्जा मिल चुका है, मगर पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ाने के बजाय उपेक्षा की जा रही है। विश्व विरासत की छवि खराब हो रही है। राजसमंद, उदयपुर से कुछ निजी बसें आती है, मगर उनका आवागमन केलवाड़ा बस स्टैंड तक है।

पांच वर्षों में इतने पर्यटक आए
वर्ष देसी पर्यटक विदेशी पर्यटक
2014 2,62,983 16,800
2015 2,63,988 15375
2016 365730 15042
2017 439010 12540
2018 520425 12680
कुल 18,52,136 72,437

सड़क सुधार के प्रयास करेंगे
हां, कुंभलगढ़ क्षेत्र की सड़कें वाकई काफी खराब हंै। इसके लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग को लिखा है। अब जिला पर्यटन समिति की बैठक में यह मुद्दा रखा जाएगा और जिला कलक्टर के माध्यम से कुंभलगढ़ क्षेत्र की सड़कों को सुधारने के प्रयास किए जाएंगे।
शिखा सक्सेना, उप निदेशक पर्यटन विभाग, उदयपुर

सड़कों के कारण मुंह मोड़ रहे पर्यटक
कुंभलगढ़ दुर्ग तक पहुंचने के लिए एक भी सड़क सुगम नहीं है। इसी वजह से विदेशी पर्यटकों ने मुंह मोड़ लिया है। पांच वर्षों में करीब चार हजार तक विदेशी पर्यटक घटे हैं, जिस पर केन्द्रीय मंत्रालय ने भी चिंता जताई है। टूरिस्ट कंपनियों ने पर्यटन रूट से कुंभलगढ़ को ही हटा दिया है, जिससे प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
मनीष, बुकिंग प्रभारी, कुंभलगढ़

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