
भीम. अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर मजदूर किसान शक्ति संगठन के तत्वावधान में कस्बे के पाटिया का चौड़ा में मंगलवार को मजदूर मेला आयोजित किया गया। इसमें देश के विभिन्न भागों से आए मजदूरों ने एकजुटता का संकल्प लिया। मेले में देश में एक सशक्त जवाबदेही कानून बनाने, न्यूनतम मजदूरी 300 रुपए करने, पेंशन न्यूनतम मजूदरी की आधी 3000 प्रतिमाह करने, नरेगा को सुचारू रूप से चलाने, राशन से गरीबों के काटे गये नामों को पुन: जोडऩे व खाद्य सुरक्षा कानून के तहत पारदर्शिता लाने, सरकारी स्कूल व अस्पतालों को ठेके पर नहीं देने, किसानों के कर्ज माफ करने आदि की पुरजोर मांग की गई एवं प्रस्ताव लिए गए। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता लालसिंह ने बताया कि मेले में भीलवाड़ा व राजसमंद जिलों से आए सिलिकोसिस पीडि़तों ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम में वरिष्ठ महिला कार्यकर्ता सुशीला बाई, दलित नेता भंवर मेघवंशी, सामाजिक कार्यकर्ता बालूलाल, महाराष्ट्र के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता व हमाल पंचायत से जुड़े बाबा आढ़व, पीयूसीएल की राष्ट्रीय महासचिव कविता श्रीवास्तव, रेणुका पामेचा, ममता जैतली, तारा आहलुवालिया, शरद शर्मा, रामप्रसाद कुमावत, वरिष्ठ पत्रकार गुंजल, पूर्व विधायक एवं मंत्री लक्ष्मणसिंह रावत, डी. एल. त्रिपाठी ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान विजय नागराज, नीलाभ मिश्र एवं अमिताभ मुखोपाध्याय के योगदान को याद कर उनके काम को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
महिलाओं ने संभाली कमान
संगठन के शंकरसिंह व नारायण सिंह ने बताया कि इस बार मेले की खासियत यह रही कि पिछले दो दिन से भीम क्षेत्र की महिलाओं ने इस आयोजन की कमान सम्भाली। 30 अप्रेल की मोटर साइकिल रैली के बाद आज बड़ी संख्या में महिलाओं ने मेले में भागीदारी निभाते हुए शराबबंदी के लिए एकजुटता दिखाई।
आरटीआई पर पुस्तक का लोकार्पण
सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय एवं एमकेएसएस के साथियों द्वारा लिखी पुस्तक आरटीआई कैसे आई का लोकार्पण भी समारोह में हुआ। रॉय ने कहा कि यह पुस्तक आरटीआई आंदोलन के इतिहास की जमीनी कहानी पर आधारित है। देश में बांटने की राजनीति को हमें नकारना होगा और तोडऩे की बजाय हमें समाज को जोडऩा होगा। निखिल डे ने कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि इस पुस्तक में हमारे आंदोलन और संघर्ष के इतिहास को लिखा गया है।
ठेकेदारी प्रथा से निजात की जरूरत
रेलमगरा. हिन्दुस्तान जिंक वर्कर्स फैडरेशन के महामंत्री कल्याणसिंह शक्तावत ने कहा कि मई दिवस कार्मिकों का सबसे बड़ा त्योहार है। मजदूर संघ कार्यालय मजदूरों का मंदिर है तो कार्य स्थल पर ईमानदारी से काम करना उनका सबसे बड़ा धर्म है। वे हिन्दुस्तान जिंक दरीबा के मजदूर खान संघ कार्यालय पर मजदूर दिवस समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ठेकेदारी प्रथा से निजात दिला स्थायी कार्मिक बनाने मजदूर संघ को लंबा संघर्ष करने की आवश्यकता है। उन्होंने फेडरेशन की ओर से श्रमिक हितों को ध्यान में रख समझौता करने का आश्वासन दिया। अध्यक्षता खान मजदूर संघ उपाध्यक्ष नरहरीदेव सिंह राठौड़ ने की। उपाघ्यक्ष राजेन्द्र मेनारिया, सचिव अभयनाथ चौहान, मोहनलाल सालवी ने भी संबोधित किया। इससे पूर्व कार्मिक नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और युनियन के दिवंगत नेता बी. चौधरी, भैरूलाल मीणा, अभयसिंह राठौड़, डालचंद सांखला की छवियों पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि भी दी।
Published on:
02 May 2018 09:51 am
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