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लाडो योजना : अब निजी स्कूलों की बालिकाओं को भी मिलेगा लाभ, सरकार की शिक्षा सशक्तिकरण की दिशा में अभिनव पहल

राज्य सरकार ने बालिका शिक्षा को नई उड़ान देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।

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Lado-Prohtasaan-Yojana

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राजसमंद. राज्य सरकार ने बालिका शिक्षा को नई उड़ान देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब लाडो प्रोत्साहन योजना के दायरे को बढ़ाते हुए मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को भी इसका लाभ मिलेगा। पहले यह योजना केवल सरकारी स्कूलों की छात्राओं तक सीमित थी, लेकिन अब सरकार ने इसे सभी वर्गों की बेटियों तक पहुँचाने का संकल्प लिया है, ताकि हर बच्ची को शिक्षा और आत्मनिर्भरता का समान अवसर मिल सके।

बेटियों की शिक्षा में साथी बनेगी सरकार

इस योजना के तहत राज्य सरकार जन्म से लेकर स्नातक स्तर तक कुल ₹1.50 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। यह राशि 7 किश्तों में दी जाएगी, ताकि छात्राओं की शिक्षा में आर्थिक रुकावट न आए और वे निरंतर आगे बढ़ती रहें।

लाडो योजना का लाभ कैसे मिलेगा

लाडो योजना का लाभ पाने के लिए निम्न शर्तें निर्धारित की गई हैं —

  • छात्रा का जन्म सरकारी या अधिकृत चिकित्सा संस्थान में होना चाहिए।
  • वह राजस्थान की मूल निवासी होनी चाहिए।
  • छात्रा सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय में नियमित अध्ययनरत हो।
  • सभी अनिवार्य टीकाकरण समय पर पूरे किए गए हों।

इसके अलावा, इस योजना में अब राजश्री योजना को भी शामिल कर लिया गया है, जिससे लाभार्थी परिवारों को अलग-अलग योजनाओं की जटिल प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी।

जागरूकता कार्यशालाएं होंगी आयोजित

राज्य सरकार ने नवंबर माह से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संयुक्त कार्यशालाओं के आयोजन की घोषणा की है। इन कार्यशालाओं का आयोजन महिला अधिकारिता विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, तथा स्कूल शिक्षा विभाग मिलकर करेंगे। इन कार्यशालाओं में आवेदन प्रक्रिया, पात्रता मानदंड और भुगतान से संबंधित सभी जानकारी दी जाएगी। छात्राएं और उनके अभिभावक इन कार्यशालाओं के माध्यम से योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

योजना का सामाजिक योगदान और उद्देश्य

“लाडो योजना” केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की एक सशक्त पहल है। इसका उद्देश्य हर वर्ग की बेटियों को शिक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है। यह योजना न केवल “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान को मजबूती देगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच शिक्षा के अवसरों की खाई को भी पाटेगी। राज्य सरकार का यह निर्णय समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।

लाडो योजना में आर्थिक सहायता की 7 किश्तें

लाडो योजना के तहत छात्राओं को ₹1.50 लाख की कुल राशि सात चरणों में दी जाएगी। भुगतान की संरचना इस प्रकार है —

चरणविवरणराशि (₹)
1छात्रा के जन्म पर2,500
21 वर्ष पूर्ण होने और टीकाकरण पूरा होने पर2,500
3प्रथम कक्षा में प्रवेश पर4,000
4कक्षा 6 में प्रवेश पर5,000
5कक्षा 10 में प्रवेश पर10,000
6कक्षा 12 में प्रवेश पर25,000
7स्नातक पूर्ण करने और 21 वर्ष की आयु पर1,00,000
कुल राशि1,50,000

यह सहायता बालिकाओं के संपूर्ण विकास और शिक्षा यात्रा को सुरक्षित बनाएगी।

इनका कहना है

राज्य सरकार द्वारा लाडो योजना में मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की बालिकाओं को शामिल करना सराहनीय कदम है। यह निर्णय बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत सार्थक है। अब हर बालिका को शिक्षा के समान अवसर मिलेंगे, जिससे समाज में निश्चित रूप से सकारात्मक बदलाव आएगा।

मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान