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मिली सखियां, स्कूल की ड्रेस पहन बचपन की यादों को किया जीवंत

मस्ती की पाठशाला में दृश्यमान हुए भूले-बिसरे दिन

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masti ki pathshala at nathdwara

मिली सखियां, स्कूल की ड्रेस पहन बचपन की यादों को किया जीवंत

नाथद्वारा. शहर में रहते हुए एक साथ बचपन बिताया एवं देश के विभिन्न क्षेत्रों में रहते हुए अपने परिवार को महका रही ऐसी सत्तर सखियां विभिन्न प्रांतों और विभिन्न शहरों से नाथद्वारा पहुंची। इन्होंने सुबह श्रीनाथजी की मंगला झांकी के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने अपने स्कूल परिसर पहुंचकर मस्ती की पाठशाला का आयोजन किया।
सुबह दर्शन के बाद सभी सखियां स्कूल यूनिफॉर्म में अपने पुराने स्कूल परिसर पहुंची, जहां पर विधिवत घंटी बजी, प्रार्थना सभा आयोजित की और राष्ट्र गान के बाद में सब सखियों ने मस्ती की पाठशाला का आयोजन किया। इस ग्रुप से जुड़ी संगीता शर्मा, चंदा खंडेलवाल ने बहुत प्रयास करके सभी सखियों को एक साथ जोड़ा और अपने बचपन की स्मृतियों को ताजा किया। शहर के आम लोग भी अपनी बहन-बेटियों को इतने साल बाद एक साथ देखकर बहुत प्रसन्न हुए और सभी ने सोशल मीडिया की ताकत को अनुभव किया कि अगर हम सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करें तो यह हमारे जीवन में खुशियां ला सकता है।
दर्शन के पश्चात सारी सखियां माहेश्वरी पंचायत भवन में एकत्रित हुई और वहां से बैंडबाजों के साथ गोवर्धन राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय पहुंची, जहां पर प्रधानाध्यापिका गायत्री शर्मा ने और पुरानी अध्यापिकाओं ने सभी का स्वागत किया। प्रार्थना सभा के बाद विधिवत कक्षाएं प्रारंभ हुई, जिसमें सभी सखियों ने उन दिनों की स्मृतियों को पुन: जागृत किया। इसमें किसी को देरी से आने की सजा मिली तो किसी को बैंच के ऊपर खड़ा किया गया। अध्यापिकाओं ने कक्षा में कई सामान्य ज्ञान के प्रश्न भी किए। शिक्षकों ने एक-दूसरे को पारितोषिक वितरण किया। वहीं, विधिवत इंटरवल भी हुआ, जिसमें सभी ने गोलगप्पे खाने का आनंद उठाया। इस अवसर पर नगर के कई गणमान्य नागरिक भी बहन- बेटियों को आशीर्वाद देने पहुंचे। कार्यक्रम में ऐश्वर्या जैन, रेखा सिसोदिया, लाड़ सोमानी, उषा राठी, चंदन मारवाड़ी, वंदना राठी, शारदा सिसोदिया, नंदा गुर्जर और मंजू जैन ने विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक और हास्यमय प्रस्तुतियां दी। दिन के समय इन सभी सखियों ने खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया और अपने परिजनों को आमंत्रित करके अपनी भाभियों का स्वागत अभिनंदन किया। शाम के समय सभी ने अपने अपने स्तर पर रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी।