
सीमित परिवार के लिए चिकित्सा विभाग चलाएगा अभियान
अश्वनी प्रतापसिंह @ राजसमंद. प्रजनन दर पर लगाम लगाने के लिए चिकित्सा विभाग अभियान चलाकर जागरूकता फैलाएगा। अभियान जिले के ९६९ गांवों में चलेगा। कार्यक्रम के तहत गांव स्तर पर सास बहू सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें एएनएम एवं आशा मिलकर गांव में किसी उचित स्थान आंगनबाड़ी केन्द्र, स्वास्थ्य केन्द्र, अटल सेवा केन्द्र पर सास-बहू को परिवार कल्याण की जानकारी देकर साधन अपनाने की अपील करेंगी। साथ ही उन्हें सीमित परिवार के लाभ, विवाह की सही आयु, विवाह के पश्चात दो वर्ष बाद पहला बच्चा, पहले एवं दूसरे बच्चे में 3 वर्ष का अंतराल रखने पर चर्चा करने, परिवार नियोजन के स्थाई एवं अस्थाई साधनों के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देकर, नजदीकी संस्थान पर उपलब्ध परिवार कल्याण सेवाओं के बारे में बताया जाएगा।
राजस्थान पत्रिका ने ‘मां को मां रहने दो मत समझो मशीन’ अभियान शुरू किया, जिसके तहत २१ सितम्बर को ‘बेटे की चाहत में नौ बेटियां जन्मी, बेटा कोख में आया तो मौत भी आ गई’, २३ सितम्बर को ‘८० फीसदी महिलाओं में खून की कमी खतरनाक’, २५ सितम्बर को ‘वंश की बेल बढ़ाने के फेर में अंदर से टूट रही महिला!’, खबरें प्रकाशित कर महिलाओं की पीड़ा तथा समाज में वंशवाद की परम्परा को उजागर किया।
दो चरणों में चलेगा अभियान
डिप्टी सीएमएचओ परिवार कल्याण डॉ. एमएल मीणा ने बताया कि जिले में दो चरणों में सास-बहू सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। पहला चरण 15 अक्टूबर तक सम्पादित होगा तथा दूसरा चरण जनवरी एवं फरवरी माह में आयोजित होगा। उन्होंने बताया की सास-बहू सम्मेलन को रोचक बनाने के लिए इनमें विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा। आयोजन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश सभी ब्लॉक पर भिजवाए गए हैं।
फैलाएंगे जागरूकता...
विभाग की ओर सास और बहू को परिवार नियोजन के बारे में बताकर जागरूक किया जाएगा। इस अभियान के तहत उन्हें परिवार नियोजन के लाभ तथा हानि भी बताई जाएंगी।
डॉ. पंकज गौड़, सीएमएचओ, राजसमंद
Published on:
27 Sept 2018 11:23 am
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