विदेश में 9 साल पहले मोहनसिंह लापता, मुश्किल में पत्नी-बेटियों की परवरिश

बंशावलियों का गुड़ा के परिवार की दर्दभरी दास्तान

By: laxman singh

Published: 15 Mar 2019, 09:30 AM IST

लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद

यह सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि आर्थिक संकट तले जीवन के खोने की दर्दभरी कहानी है। कुछ कमाकर लाने की इच्छा लिए विदेश गया परिवार का मुखिया नौ साल से लापता है और यहां पत्नी फिर लौट आने की उम्मीद में पथराई आंखों से राह तक रही है। वह अब तक न लौटा और न ही उसकी कोई खबर मिली। वह कब, कहां, किस हाल में गुम हुआ, परिवार को कुछ भी पता नहीं है। अशिक्षित पत्नी स् मस्कत में रहने वाले परिचितों के माध्यम से भी तलाश के प्रयास किए, मगर कोई संतोषप्रद जवाब नहीं मिल पाया।

जिला मुख्यालय से 20 किमी. दूर स्थित सांगठकला पंचायत में बंशावलियों का गुड़ा निवासी मोहनसिंह अपना कर्ज उतारने और परिवार के पेट की आग बुझाने का बंदोबस्त करने वर्ष 2010 में ओमान देश के मस्कत शहर में गया था, मगर आज दिन तक उसका कोई अता पता नहीं है। न उसके बारे में कोई खोज खबर। दो बेटियां छठीं और ग्यारहवीं में पढ़ रही है। पत्नी नरेगा, गांव के निर्माण कार्यों में सीमेंट-कंक्रीट मिलाने, पत्थर ढोने जैसे मजदूरी के काम से अपना और बेटियों का गुजारा चला रही है। मोहनसिंह दुनिया में है भी या नहीं, इसकी भी कोई पुष्टि नहीं है। न सरकार ने कोई घोषणा ही की, जिससे कि उसे कोई आर्थिक संबल मिल सके। उल्लेखनीय है कि हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 के तहत सात वर्ष से पति लापता हो, तो उसे सिविल न्यायालय से मृत घोषित कराया जा सकता है। पुलिस व प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट निर्णय करता है और उसी आधार पर पत्नी व बच्चों को विधवा व बेसहारा की तरह सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का परिलाभ भी मिल सकता है।

ओमान से नहीं संतोषप्रद जवाब
युनिक कंट्रक्शन में बतौर श्रमिक कार्य करते हुए मोहनसिंह के लापता होने के बाद परिजनों को कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दिया गया। इसको लेकर ओमान के मस्कत की पुलिस में भी शिकायत की, मगर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो पाई। अशिक्षित परिजनों ने मस्कत में रहने वाले गांव के अन्य लोगों के सहयोग से भी तलाश के प्रयास किए, मगर कोई पता नहीं चल पाया।

पति को मृत घोषित करने की गुहार
मीरा बाई ने लापता पति मोहनसिंह को मृत घोषित कराने की मांग को लेकर कलक्टर अरविंद पोसवाल व एसपी भुवन भूषण यादव से गुहार की। एसपी के निर्देश पर राजनगर थाना पुलिस द्वारा जांच की गई, जिसके मुताबिक स्पष्ट हो गया कि वर्ष 2010 के बाद मोहनसिंह का कोई अता-पता नहीं है और न ही विदेश से जीवित या मृत की कोई सूचना मिली।

खेत बेचा, फिर भी कर्ज से राहत नहीं
तंगहाल परिवार पर लाखों का कर्ज था। पति के लापता होने के बाद कर्ज बढऩे पर पत्नी मीराबाई ने खेत बेचा। फिर भी कर्ज से मुक्ति नहीं मिली, जो नरेगा में कार्य करके व गांव में अन्य निर्माण कार्यों में मजदूरी कर घर गुजारा चलाने को मजबूर है। तंगहाली में भी मोहनीबाई ने बेटियों की पढ़ाई नहीं छोडऩे दी, जिसमें तारा (13) सातवीं व दुर्गा (17) 11वीं में अध्ययनरत है।

हर संभव मदद के प्रयास
पीडि़त परिवार की हर संभव मदद के प्रयास किए जा रहे हैं। लापता व्यक्ति के मृत घोषित की प्रक्रिया तो कोर्ट से ही होगी।
अरविंद पोसवाल, जिला कलक्टर राजसमंद

परिवार का गुजारा मुश्किल
नौ वर्ष से पति मस्कत में लापता है। पहले से तंगहाल परिवार का गुजारा मुश्किल हो रहा है। विदेश मंत्रालय से भी गुहार लगाई है। कंट्रक्शन कंपनी व ओमान देश से भी पीडि़त परिवार को कोई सहायता नहीं मिल पाई।
भैरूलाल जोशी, सरपंच सांगठकला

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