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राजस्थान के इस शहर में 28 हजार से ज्यादा प्रवासी पक्षी पहुंचे…पढ़े पूरी खबर

राजसमंद. वन विभाग की ओर से की गई पक्षी गणना में 100 से ज्यादा प्रजातियों के 28000 से अधिक प्रवासी पक्षी दिखाई दिए है, जो कि पिछले साल के मुकबाले करीब 2 हजार ज्यादा है। इस बार जलाशयों में भरपूर पानी होने के कारण प्रवासी पक्षियों ने डेरा डाला है।
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प्रदेश के इस शहर में 28 हजार से ज्यादा प्रवासी पक्षी पहुंचे...पढ़े पूरी खबर

जलाशय के निकट पेड़ पर बैठे प्रवासी पक्षी

वन विभाग की ओर से राजसमन्द, पाली ब्यावर जिलों के डिवीजन अंतर्गत पडऩे वाले 23 जलाशयों पर शीतकालीन प्रवासी पक्षियों की गणना 31 जनवरी से 2 फरवरी तक वनकर्मियों एवं पक्षी विशेषज्ञों की टीम ने पक्षियों की गणना की। गणना के पहले दिन जिले के पांच जलाशय देसूरी और सादडी के पांच जलाशयों पर पक्षी गणना की गई। इसी क्रम में दूसरे दिन टॉडगढ-रावली अभयारण्य के पांच जलाशय एवं गणना के अंतिम दिन जिले के 08 जलाशयों पर पक्षी गणना की गई। वन विभाग के उपवन संरक्षक डॉ. ए. एन. गुप्ता ने बताया कि जिले में कई बडे वेटलैण्ड हैं, उनमें से कई डैम भी है। यहां पर हर साल सैकडों प्रवासी पक्षी आते है। यहां पर प्रचुर मात्रा में भोजन उपलब्ध होता है और पानी पूरे साल बना रहता है, इसी वजह राजसमन्द में प्रवासी पक्षी अच्छी संख्या में आते हैं। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष प्रवासी पक्षियों का आंकलन राजस्थान राज्य के विभिन्न वन मण्डलों के द्वारा सामान्यता: जनवरी माह कराया जाता है, जिससे राजस्थान मे आने वाले प्रवासी पक्षियों की जानकारी मिल सके।

यह प्रवासी पक्षी मिले मुख्य रूप से
गणना में 100 से ज्यादा प्रजातियों के 28000 से ज्यादा प्रवासी पक्षी मिले। इसमें मुख्यत: पेलिकन, फ्लेमिंगो, ब्राह्मणी डक, कॉम्ब डक, पिनटेल, बार हेडेड गुज, ग्रे लेग गुज (राजहंस), व्हाइट आईबिस, स्पून बिल, ग्रे हेरोन कॉमन कूट, सारस क्रेन, रेड नेप्ड आईबिस, गॉडविट , कॉमन टील आदि प्रजातियों के पक्षी मिले। गत वर्ष 2023 में पक्षी गणना में 26071 पक्षी दिखाई दिए थे। इस वर्ष गत वर्ष से ज्यादा प्रवासी पक्षी मिले हैं। गणना में पक्षी विशेषज्ञ हिमांशु सिंह चन्द्रावत, नरेन्द्र पालीवाल, मुकुन्द माधव सिंह चौहान, मनोज सोनी एवं भेराराम वनरक्षक के साथ अन्य वनकर्मियों सहयोग किया। पक्षी गणना में राजसमंद, नाथद्वारा, रावली, जोजावर, देसूरी, सादडी, भीम, देवगढ रेंज के कार्मिकों ने भाग लिया।