
अश्वनी प्रतापसिंह @ राजसमंद. देलवाड़ा क्षेत्र के दर्जनों नरेगा श्रमिकों का भुगतान पिछले तीन माह से नहीं हुआ है, जिससे उन्हें अपनी रोजी रोटी चलाने में भारी समस्या आ रही है। श्रमिक बार-बार पंचायत के चक्कर लगाते हैं, लेकिन वहां उन्हें रटारटाया जवाब मिलता है, जयपुर से भुगतान अटका हुआ है। ऐसे में अब श्रमिकों के सामने भारी आर्थिक संकट है।
श्रमिक लक्ष्मीबाई, कारीगर चेनाराम गमेती, कारीगर राजमल यादव, मेठ चेनसिंह आदि ने बताया कि देलवाड़ा क्षेत्र के पहाड़ी इलाके का पानी तालाब में लाने के लिए नहर खुदाई का काम चल रहा है। वह इस काम में लम्बे समय से लगे हैं। तीन माह से अधिक समय हो गया लेकिन उन्हें भुगतान नहीं किया जा रहा है।
रोजी-रोटी पर संकट
श्रमिकों ने बताया कि तीन महीनें से पैसे नहीं मिलने से घर चलाना भारी पड़ रहा है। दुकानदार के यहां उधारी होने से अब वह राशन भी नहीं देते। आखिर हम बच्चों को क्या खिलाएं। मेहनत-मजदूरी तो बच्चों का पेट पालने के लिए ही करते हैं। जब पेट पर ही संकट आ जाए तो फिर ऐसी कमाई का क्या करें?
पोर्टल में कराया दर्ज
मेहताना नहीं मिलने से परेशान श्रमिकों ने राजस्थान पोर्टल तथा प्रधानमंत्री को भी इसकी शिकायत की है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि कईबार पंचायत के चक्कर काटने के बाद भी उन्हें भुगतान नहीं दिया गया। जिससे उन्हें बच्चों का पेट पालने में भी समस्या हो रही है।
इनका कहना है…
श्रमिकों का इतने दिन से भुगतान अटका है, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है, मैं पंचायत से पता करवाता हूं।
-जगदीशचंद्र जटिया, कार्यवाहक बीडीओ, खमनोर