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यहां भी हो रहा भेदभाव! दे दिए दो कमरे और बन गया महिला थाना , सात साल से नहीं मिला खुद का भवन

आरोपितों को बंद करने व स्टॉफ के लिए नहीं पर्याप्त जगह
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rajsamand news

यहां भी हो रहा भेदभाव! दे दिए दो कमरे और बन गया महिला थाना , सात साल से नहीं मिला खुद का भवन

राजसमंद. महिला पुलिस थाना व परामर्श केन्द्र दोनों ही महिला हित व सुरक्षा के लिए बड़ा सहारा हैं, लेकिन हकीकत में ये दोनों विभाग खुद बेसहारा हैं। थाना पिछले सात सालों से कांकरोली थाने की शरण में मात्र दो कमरों में सिमट कर गया है, जबकि महिला सलाह केन्द्र थाने के बाहर एक जर्जर कमरे में संचालित है लेकिन जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।

स्टाफ के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं
थाने में केवल दो कमरे होने से स्टाफ को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनके बैठने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। किसी महिला आरोपी से पूछताछ करने के लिए भी कोई बंद जगह नहीं है, अगर कोई महिला आरोपी पकड़ी जाती है, तो उसे तुरंत उदयपुर भेजना पड़ता है। ऐसे में थाना निरीक्षक, उपनिरिक्षक समेत कई पुलिस अधिकारियों के लिए काम करने को कार्यालय की पर्याप्त जगह नहीं है।

सात वर्ष से भवन का अभाव
बताया जाता है कि सात वर्ष से महिला थाना ऐसे ही संचालित है। ७ सितम्बर २०११ को महिला थाने की शुरुआत की गई। लेकिन अभी तक न सरकार की ओर से कोई प्रस्तावित बजट है न ही कोई पुलिस विभाग से। ऐसे में महिला थाने की परवाह न करने से जिम्मेदार महिलाओं के प्रति कोताही बरतने का काम रहे हैं।

महिला सलाह केन्द्र जर्जर
महिला थाने का हिस्सा महिला सलाह केन्द्र भी कार्यालय के अभाव में अस्त-व्यस्त हैं। केंद्र कांकरोली थाने के बाहर एक छोटे जर्जर कमरे में संचालित है। जिसमें बारिश के दिनों में पानी आने की समस्या रहती है। कईबार तो तेज हवाओं के चलते छत पर लगे लोहे के चद्दर उड़ गए। ऐसे में इसकी दुर्दशा भी काफी खराब हो चुकी है।

जिले में सिर्फ एक महिला थाना
जिले में करीब १८ थाने हैं। जिसमें महिला थाना सिर्फ राजसमंद में संचालित है। एक महिला थाना होने से प्रकरण भी काफी आते है। ऐसे में काम ज्यादा होने के बावजूद इसकी ही अपनी इमारत नहीं है।

कलक्टर ने दिए निर्देश
कलक्टर आनंदी ने गत दिनों हुई बैठक के दौरान महिला थानाधिकारी नानालाल सालवी को निर्देश दिए कि वह नगरपरिषद आयुक्त से सम्पर्क कर भवन के लिए बात करें। इसके चलते महिला थाना से नगरपरिषद को भूमि उपलब्ध करवाने के लिए पत्र भेजा गया।

नगर परिषद को भेजा है पत्र
&महिला थाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। ऐसे में कलक्टर के निर्देशानुसार नगरपरिषद आयुक्त को पत्र भेजकर भूमि के लिए कहा गया है। अब भूमि मिले तो ही कुछ हो सकता है। नानालाल सालवी,
महिला थाना अधिकारी,
कांकरोली