संयुक्त परिवार धरती का स्वर्ग है: साध्वी प्रियदर्शना

संयुक्त परिवार धरती का स्वर्ग है: साध्वी प्रियदर्शना

laxman singh | Publish: Sep, 12 2018 12:48:56 PM (IST) | Updated: Sep, 12 2018 12:48:57 PM (IST) Rajsamand, Rajasthan, India

पर्युषण महापर्व का छठा दिन

भीम. कस्बे के जैन स्थानक में चार्तुमास की श्रृखंला में मंगलवार को धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए साध्वी प्रियदर्शना ने कहा कि संयुक्त परिवार धरती का स्वर्ग है।
उन्होंने कहा कि जहां पर परिवार में बेटे-बहु अलग प्रवास करते हैं, वहां पर उस इंसान की कदर कम हो जाती है। माता- पिता की सेवा सच्चा धर्म माना गया है। ऐसे में माता-पिता की सेवा का अवसर संयुक्त परिवार में ही मिल सकता है। पर्युषण के छठे दिन सोलह सतियों का नाटक प्रस्तुत किया गया। इस दौरान जैन स्थानक संघ मंत्री भीकमचन्द कोठारी, भंवरलाल गुडलिया, शांतिलाल मारू, सुरेशप्रकाश मेहता, मदनलाल पोखरना, उत्तमचन्द नंगावत, दिलीप दक उपस्थित थे।
अणुव्रत चेतना दिवस मनाया
राजसमंद. पर्यूषण के तहत अणुव्रत चेतना दिवस मनाया। भिक्षु बोधिस्थल में अणुव्रत समिति द्वारा सदस्यता अभियान चलाया तथा लोगों को समझाते हुए समिति के अध्यक्ष अचल धर्मावत ने बताया कि नैतिकता एवं चिरित्रिक मूल्यों के विकास का नाम ही अणुव्रत हेै। अणुव्रत एक श्रेष्ठ जीवन शैली है । रमेश माण्डोत ने बताया कि जिन लोगों को अहिंसा में विश्वास है और जो व्यक्ति नैतिकता पर्यावरण शुद्धि पर कार्य करना चाहते हैं वे इस अभियान से जुड़े । सीमा कावडिय़ा ने भ्रूण हत्या को अनैतिक बताया । महावीर धोका, सुनिल हींगड़, चन्द्रप्रकाश सहलोत, लता मादरेचा आदि ने अणुव्रत के बारे में समझाया। राजकुमार दक ने बताया कि नशा मुक्ति अणुव्रत अभियान का विशेष मंत्र है, अणुव्रत चरित्रमूलक आन्दोलन है, इसका व्यापक प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए। अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के तहत विभिन्न स्थानों पर संगोष्ठियां, चित्रकला प्रतियोगिता, संगीत प्रतियोगिता, चिन्तन शाला, पर्यावरण संगोष्ठी वृक्षारोपण, मतदाता जागरूकता रैली, भ्रण हत्या के रोकथाम के लिए सामाजिक स्तर पर जागरूकता लाना आदि कार्य किए जाएंगे।
अणुव्रत सप्ताह को लेकर बैठक
नाथद्वारा. आगामी १७ से २३ सितंबर तक आयोजित होने वाले अणुव्रत सप्ताह को लेकर अणुव्रत समिति की बैठक हुई। सुरेन्द्र सिंघवी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित बैठक में अध्यक्ष नगेन्द्र कुमार मेहता ने बताया कि सप्ताह में शहर के विभिन्न विद्यालयों में संतों के प्रवचन, आलेख वाचन अणुव्रत गीत गायन प्रतियोगिता आदि कराये जाएंगे। वहीं, शहर में प्रदूषण नियंत्रण व अनावश्यक आतिशबाजी रोकने के लिए भी शहरवासियों को जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान समिति के सदस्य शांतिलाल कोठारी, धर्मेश बापना, कांतिलाल धाकड़, घनश्याम लाल वागरेचा, सविता कोठारी, मंजू पोरवाल, रूकमणी देवी वागरेचा, संगीता चंडालिया, नवरतन बाला पोरवाल, विमला बापना, सुमन कोठारी आदि उपस्थित थे।

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पर्युषण पर्व पर प्रस्तुत किए भजन
रिछेड़. श्री जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ के आचार्य रविशेखरसूरी ठाणा 4 एवं साध्वी शान्तिश्री ठाणा 9 के सानिध्य मे पर्युषण के छठे दिन मंगलवार को भजनों की प्रस्तुतियोंं श्रावक-श्राविकाएं भक्तिमें भाव-विभोर होकर नाचने लगे। मुंबई से आए गायक निकेश जैन ने छोटा-छोटा घुघरा माताजी रे वाजे रे, मोटा-मोटा घुघरा भेरूजी रे वाजे, सहित कई भजन पेश किए। लक्षित जैन ने चौंसठ जोगणी रे भेरूजी रे मंदरीए रम जाए, भजन पेश किया। इस पर श्रद्धालु भक्ति की मस्ती में झूमने लगे। पर्व के तहत बुधवार को सिद्धि तप, अठाई से ऊपर की तपस्या एवं मास खमण करने वालों का सम्मान किया जाएगा।

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