महिला मुख्यमंत्री का प्रशासन नहीं ले रहा विक्षिप्त महिला की सुध, भूखे-प्यासे भटक रही

महिला मुख्यमंत्री का प्रशासन नहीं ले रहा विक्षिप्त महिला की सुध, भूखे-प्यासे भटक रही

laxman singh | Publish: Sep, 10 2018 10:29:23 AM (IST) Rajsamand, Rajasthan, India

राजसमंद जिले में देवगढ़ के कुन्दवा क्षेत्र में भटक रही विक्षिप्त महिला

राजसमंद. पहनावा आदिवासी, बोली का लहजा देहाती, मगर उसकी बात समझना हर किसी के बस में नहीं। कोई दे देवे, तो खा लेती है, वरना भूखे पेट ही इधर से उधर डोलती रहती है वह। लोग जब पूछते हैं, कहां रहती हो, तो एक ही बात बोली है वह उदेपुर की। क्षेत्र में भटकती विक्षिप्त महिला के बारे में पुलिस व प्रशासन को बताने के बावजूद किसी ने सुध नहीं ली। कथित तौर पर विक्षिप्त महिला के ज्यादती का शिकार होने की भी चर्चा है और महिला होने से प्रत्यक्ष तौर पर ग्रामीण मदद को आगे नहीं आ रहे हैं। क्योंकि मानसिक विक्षिप्तता के चलते हर कोई उसके पास जाने से कतरा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार कुन्दवा (देवगढ़) पंचायत क्षेत्र में करीब 45 वर्षीय विक्षिप्त महिला भटक रही है, जो कई दिनों से एक सराय में रात गुजार रही है। अकेली महिला कई दिनों से भटक रही है, मगर न तो ग्राम पंचायत द्वारा कोई ध्यान दिया गया है और न ही पुलिस व प्रशासन गंभीर है। हालांकि उसके खाने, पीने के लिए गांव के कुछ लोग दे रहे हैं, मगर उसे अस्पताल पहुंचाने अथवा नारी निकेतन भेजने के लिए कोई प्रबंध नहीं हो पाए।

जिम्मेदार महकमे भी मौन
महिला सुरक्षा के लिए जिम्मेदार महिला अधिकारिता महकमे की पहुंच गांव-ढाणी तक होने के बावजूद कुन्दवा में भटक रही विक्षिप्त महिला के बारे में सहायिका से लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा भी विभाग को सूचना तक नहीं दी। कई दिनों से महिला के क्षेत्र में भटकने के बावजूद महिला अधिकारिता विभाग द्वारा कोई ध्यान नहीं देने से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से लेकर सुपरवाइजर से लेकर उच्चाधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका पर सवाल
समाजसेवा का दंभ भरने वाले स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका भी कठघरे में है। रैली, सभा में समाजसेवा का बखान करते हैं, मगर कुन्दवा में कई दिनों से एक विक्षिप्त महिला दर दर भटक रही है, मगर उसकी मदद के लिए किसी भी स्वयंसेवी संगठन ने कोई प्रयास नहीं किए।

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