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6 माह पहले कंडम घोषित पंचायत समिति की जीप दौड़ रही खमनोर से देलवाड़ा तक

सवालः कार्मिकों के हाथ में कंडम वाहन का स्टेयरिंग, सड़क हादसा हो गया तो कौन लेगा जिम्मेदारी?
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खमनोर पंचायत समिति की साधारण सभा की बैठक में छह माह पहले जिस खटारा जीप को बाकायदा प्रस्ताव पारित करवाकर कंडम घोषित कराया गया, उसी सरकारी वाहन को पिछले कई समय से पंचायत समिति के कार्मिक खुद ड्राइवर बनकर चलाते हुए खमनोर और देलवाड़ा ब्लॉक में दौड़ा रहे हैं। सोमवार को जीप पहले नाथद्वारा से खमनोर आई और फिर उसे देलवाड़ा पंचायत समिति तक ले गए।

नियम-कायदों को दरकिनार कर मनमर्जी को तरजीह देने का ये मामला खमनोर पंचायत समिति से जुड़ा हुआ है। कार्मिक उस जीप का स्टेयरिंग अपने हाथों में थामे हुए हैं, जिसे पंचायत समिति की साधारण सभा का सदन 6 माह पहले ही प्रस्ताव पारित कर कंडम घोषित कर चुका है। कंडम घोषित करने के बाद भी कार्मिकों द्वारा उसी जीप को चलाना और एक पंचायत समिति से दूसरी पंचायत समिति तक सरकारी कामों से आने-जाने में काम में लेना गंभीर लापरवाही दर्शा रहा है। कंडम वाहन को सड़कों पर इस तरह दौड़ाना साफ जाहिर कर रहा है कि पंचायत समिति के बीडीओ-प्रधान की मौजूदगी में जनप्रतिनिधियों द्वारा पारित निर्णय की किस हद तक धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

उल्लेखनीय है कि 14 अगस्त 2023 को हुई साधारण सभा की बैठक में पंचायत समिति कार्यालय के सरकारी वाहन संख्या आरजे30यूए1307 को पुराने हो जाने एवं चलने योग्य नहीं होने से नाकारा (कंडम) घोषित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया था। साथ ही निजी आय से नया वाहन खरीदने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया था।

सरकारी वाहन का दुरुपयोग, जिम्मेदारों की चुप्पी

5 फरवरी की सुबह साढ़े आठ बजे पंचायत समिति की कंडम जीप नाथद्वारा की तरफ से खमनोर आती दिखाई दी। क्षैत्रपाल भैरूजी के मंदिर के सामने एक निजी होटल के बाहर रुकी। पंचायत समिति के एईएन श्यामसुंदर शर्मा बोलेरो जीप का दरवाजा खोलकर निकले और गाड़ी पार्क कर होटल में चले गए। इसके बाद वही गाड़ी दोपहर में देलवाड़ा पंचायत समिति पहुंचने की जानकारी मिली। गौरतलब है कि यही जीप अक्सर खमनोर में होटल के बाहर खड़ी मिलती है।

बीडीओ का नो रिप्लाई, एईएन की टालमटोल
मामले में बीडीओ और एईएन इन दोनों ही जिम्मेदारों से बात करने की कोशिश की गई। कार्यवाहक बीडीओ जगदीश जटिया ने जीप के बारे में पता करके बताने को कहा। दो घंटे बाद दोबारा कॉल किया तो कार्यवाहक बीडीओ ने कॉल ही रिसीव करना बंद कर दिया। एईएन श्यामसुंदर शर्मा ने कहा कि प्रस्ताव पर जयपुर से आपत्ति आई है। लॉगबुक नहीं लिखी जा रही है।

जब सदन से प्रस्ताव पारित कर कंडम घोषित कर दिया तो गाड़ी को खड़ी कर देनी चाहिए। इस तरह उपयोग में लेने से जाहिर है कि लापरवाही और मनमानी की जा रही है।
तनसुख सोनी, पंचायत समिति सदस्य, खमनोर