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‘एक तरफ थी कोख मेरी एक तरफ पूरा मेवाड़’

सम्मेलन में लोटपोट हुए मेलार्थी

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poetry conference at kunwariya

‘एक तरफ थी कोख मेरी एक तरफ पूरा मेवाड़’

कुंवारिया. कस्बे के मेला परिसर में शनिवार को आयोजित कवि सम्मेलन देर रात तक चला।
कार्यक्रम की शुरुआत मोही के कवि संपत सुरीला ने सरस्वती वंदना स्वर मैं ऐसा मांगू माता शारदे, की प्रस्तुति के साथ की। उन्होंने बता मेरे राम रहीमा रे भई घने दिना सूं आया एवं आतंकवादी आतंकवादी खेले खून की होली समेत कई पैरोडी पेशकर श्रोताओं को गुदगुदाया। कांकरोली के गौरव पालीवाल ने प्रभु श्री द्वारकाधीश, श्रीनाथ वंदना में हम तो चाकर हैं वा चार हाथ वालों के, कविता पेश की। छोटी सादड़ी के राणा राजस्थानी ने वीर रस की रचना पन्ना के अद्वितीय बलिदान पर एक तरफ थी कोख मेरी एक तरफ पूरा मेवाड़ खड़ा, रचना प्रस्तुत कर बलिदान की महिमा बताई। गंगरार के कवि सोहन चौधरी ने राजस्थानी गीतों पर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर किया। शाहपुरा के दिनेश बंटी ने वातावरण में हो रही हलचल सहित अपनी प्रसिद्ध रचना पेश कर खूब वाहवाही लूटी। उदयपुर के गजराज सिंह ने वतन की मिट्टी से जिनको मोहब्बत, रचना पढ़ी। उन्होंने कोई बोले या ना बोले यह तिरंगा बोलता है, रचना के माध्यम से लोगों में देशभक्ति का जज्बा जगाने का प्रयास किया। भीलवाड़ा के दीपक पारीक ने अपने अनूठे अंदाज में काव्य पाठ करते हुए गाय चराने वाले यहां धर्म स्थापना कर डाली, रचना सुनाकर लोगों को लोटपोट कर दिया। बीकानेर के श्रेणी कवि ने वतन की आन पर लिखो, वतन की शान पर लिखो, प्रस्तुत की। संचालन पोटला के कवि बद्री बसंत ने किया। इस दौरान कवि सतीश आचार्य, नायब तहसीलदार ईश्वर चंद्र पुरोहित, रतनलाल टेलर, राजेंद्र आचार्य, भेरूलाल कुमावत, रामलाल कुमावत मौजूद थे।

पशु मेले का समापन
पांच दिवसीय 57वें जोहिड़ा भेरूजी बावजी पशु मेला का समापन रविवार को समारोह के साथ हुआ। मुख्य अतिथि नायब तहसीलदार ईश्वरचंद पुरोहित थे व अध्यक्षता विकास अधिकारी मधुसूदन रतनू ने की। अतिथियों द्वारा मेला ध्वज अवतरण किया गया।