
जब आईजी ने किया सवाल, तो बड़े बड़े पुलिस अफसरों के छूट गए पसीनें
राजसमंद. पुलिस महानिरीक्षक रेंज उदयपुर विशाल बंसल गुरुवार को राजसमंद के तीन पुलिस थानों का निरीक्षण कर भौतिक हालात जाने। सीएलजी सदस्यों एवं परिवादियों से मिलने के बाद जिले के थानेदारों की विशेष बैठक ली। बढ़ती चोरी, लूट व मादक पदार्थों की तस्करी पर नाराजगी जताई, मगर एसपी बोले कि ज्यादातर मामलों में आरोपित ट्रेस आउट हो चुके हैं। साथ ही थानों में कुछ पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए, जिस पर एसपी को कार्रवाई के निर्देश दिए।
आईजी बंसल सुबह साढ़े दस बजे नाथद्वारा थाने पहुंच गए, जहां पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑर्डर दिया। फिर बैरक, मालखाने का अवलोकन करने के बाद थाना प्रभारी कक्ष में पहुंचे, जहां थाने के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। लंबित मामलों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उसके बाद दोपहर बारह बजे राजनगर पुलिस थाने पर पहुंच गए, जहां बैरक, मालखाने को देखने के बाद अपराधिक स्थिति के बारे में जानकारी ली। धोखाधड़ी के लंबित प्रकरण में परिवादी से आईजी ने बातचीत की। साथ ही दो माह से परिवाद लंबित होने पर नाराजगी जताई। इस पर एएसआई रामसिंह, उप निरीक्षक मुकेश चंद्र ने आरोपित आदतन होने की जानकारी दी। इस दौरान पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव, एएसपी राजेश भारद्वाज, नाथद्वारा एएसपी ओम कुमार, राजसमंद डीएसपी डॉ. दुर्गसिंह आदि मौजूद थे।
बढ़ती चोरियां पर जताई चिंता
जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में आईजी बंसल ने जिला सीएलजी कमेटी की बैठक ली। बैठक में परिचय लेने के बाद मार्बल व्यवसायी मदन चौधरी ने बताया कि केलवा क्षेत्र की खानों, फैक्ट्रियों में चोरियां बढ़ती जा रही है। केलवा में तीन दिन पहले लूट की होने पर पूरा गांव एकत्रित हो गया, मगर केलवा थाना पुलिस के मौके पर नहीं पहुंचने के सवाल पर आईजी ने चिंता व्यक्त की। साथ ही सख्त कार्रवाई के लिए डीएसपी मंजीतसिंह को निर्देश दिए। महेंद्र कोठारी ने भी समर्थन किया। एडवोकेट फिरोज खान ने पुलिस सीलएजी में युवाओं को जोडऩे की जरूरत बताई। इस बार गणेश चतुर्थी व मोहर्रम पर्व पर युवाओं को जोडऩे के प्रयास पर खुशी व्यक्त की। वे बोले कि किसी भी धर्म, समुदाय का कार्यक्रम हो, तब उनके बैनर, झंडिया लगाए, वे स्वत: झंडिया हटा लें। इसके लिए पाबंद करने की जरूरत है। महिला मंच की शकुंतला पामेचा ने कहा कि महिला प्रताडऩा मामले में पुलिस अपडेट नहीं है, जिसकी वजह से महिलाओं को वक्त पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। साथ ही डायन एक्ट सहित विभिन्न कानूनों पर प्रशिक्षण के लिए एक्सपर्ट बुलाने का प्रस्ताव रखा, जिसे आईजी ने स्वीकार कर दिया।
पुलिस कार्यशैली ठीक नहीं
शहर-देहात में रात्रि गश्त पर रहने वाले जवानों व होम गार्ड के नशे में रहने के सवाल पर आईजी बोले कि वास्तव में रात्रि गश्त करने वाले जवानों का औचक निरीक्षण होना चाहिए। इसके लिए एसपी को खास निर्देश दिए। राजनगर थाने के कतिपय कांस्टेबल द्वारा आम लोगों से अभद्रता की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने के सवाल पर आईजी ने एसपी से जानकारी ली। दो माह बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर आईजी ने चिंता व्यक्त करते हुए अब जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।
Published on:
11 Oct 2018 09:35 pm
