
फाइल फोटो
Rajasthan News : राजसमंद जिले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की पालना सुनिश्चत करने के लिए सभी खाद्य कारोबारियों को अपने प्रतिष्ठान का नियमों के अनुसार खाद्य लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन करवाना आवश्यक है। विभाग की ओर से नियमित अभियान संचालित कर प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है, इसमें लाईसेंस या रजिस्ट्रेशन नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
राजसमंद सीएमएचओ डॉ. हेमन्त कुमार बिन्दल ने बताया कि अधिनियम के तहत खाद्य कारोबारियों में किराणा स्टोर, रिटेल, हॉलसेल, डीस्ट्रीब्यूटर, निर्माणकर्ता, ट्रांसपोर्टर, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैफे, मिठाई विक्रेता, डेयरी एवं डेयरी सामग्री, फलों के रस के प्रतिष्ठान, फल विक्रेता, सब्जी विक्रेता, हलवाई, केटरींग सर्विसेस, मोबाईल फूड वैंडर्स, कैंटीन, फूड सप्लीमेंट विक्रेता, पानी के कैंपर सप्लायरर्स को नियमानुसार खाद्य लाईसेंस या रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। जिन खाद्य व्यापारियों का वार्षिक टर्नओवर 12 लाख से कम है, उनको रजिस्ट्रेशन करवाना है तथा जिन खाद्य व्यापारियों को वार्षिक टर्नओवर 12 लाख से अधिक है उन्हे लाईसेंस लेना अनिवार्य है।
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राजसमंद सीएमएचओ डॉ. हेमन्त कुमार बिन्दल ने बताया कि लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया ऑनलाइन है। जिसे खाद्य कारोबारकर्ता खाद्य स्वयं अथवा ई मित्र के माध्यम से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की वेबसाइट पर जा कर कर सकता है। खाद्य कारोबारकर्ता वेबसाइट पर जाकर 1 से 5 वर्ष तक के लिए उचित शुल्क ऑनलाइन जमा करवा कर आवेदन कर सकता है।
वर्तमान में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत विभाग की ओर से 12578 खाद्य कारोबारियों को खाद्य लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन जारी किए हैं। विभाग की टीम की ओर से निरीक्षण के दौरान खाद्य लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नहीं पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता पर अधिनियम में जुर्माना या अधिकतम 6 माह की सजा का प्रावधान है।
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Published on:
31 Aug 2024 07:15 pm
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