
कलक्ट्रेट में बैठक लेकर दिशा-निर्देश देते जिला कलक्टर।
राजसमंद. आरएएस प्रारम्भिक परीक्षा 2 फरवरी को होगी। इसके लिए जिले में 17 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। ये सभी केंद्र राजसमंद ब्लॉक में ही बनाए गए हैं। परीक्षा में 5314 अभ्यर्थी भाग लेंगे। परीक्षा का आयोजन रविवार को दोपहर 12 से 3 बजे तक होगा। 11 बजे तक परीक्षा केंद्र पर प्रवेश दिया जाएगा, इसके पश्चात किसी भी सूरत में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के सर्वोच्च मानदंड सुनिश्चित किए जाएंगे। परीक्षा में ओएमआर उत्तर पत्रक के पांचवे विकल्प को भरने के लिए 10 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। अभ्यर्थियों को पहचान के लिए परीक्षा केंद्र पर मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) लेकर उपस्थित होना होगा। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी अथवा अस्पष्ट है तो अन्य मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र यथा मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस जिसमें रंगीन एवं नवीनतम स्पष्ट फोटो हो, लेकर परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होवें।
आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। इस संबंध में जांच एजेंसी एवं आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें।
राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा तथा अन्य विभिन्न परीक्षाओं की तैयारियों के संबंध में बुधवार को जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट बालमुकुंद असावा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में परीक्षा तैयारियों की विस्तार से समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। जिला कलक्टर ने कहा कि परीक्षाओं के आयोजन में पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित की जाएगी। प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा एवं गोपनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। असावा ने कहा कि परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों का समन्वय आवश्यक है। परीक्षा केंद्रों के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी बढ़ाई जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग पर न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक का दंड दिया जा सकता है। इसके साथ ही, ऐसे व्यक्तियों पर न्यूनतम 10 लाख रुपये से लेकर अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, दोषी पाए जाने पर संबंधित परीक्षार्थी को भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने से हमेशा के लिए वर्जित कर दिया जा सकता है।
Published on:
30 Jan 2025 11:04 am
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