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इस शहर में दो साल बाद फिर शुरू होने वाला है राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा गणगौर मेला

पंग की धुन करेगी मगन, डांगली डोला व गेर नृत्य बिखेरेंगे लोकसंस्कृति के रंग, चार अप्रेल को चूंदड़ी गणगौर के साथ होगी सवारी की शुरुआत

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कांग्रेस सदस्यता अभियान: हर बूथ पर बनाने होंगे कम से कम 25 सदस्य: चौधरी,इस शहर में दो साल बाद फिर शुरू होने वाला है राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा गणगौर मेला

राजसमंद. नगर परिषद, राजसमंद की ओर से दो वर्ष बाद हो रहे गणगौर महोत्सव और मेले में इस बार कई नए कलाकार श्रद्धालुओं को अपनी कला से न सिर्फ अपनी ओर आकर्षित करेंगे, बल्कि भारतीय संस्कृति के कई अछूते रंगों से भी उनका परिचय करवाएंगे।
सभापति अशोक टांक ने बताया कि मेले की शुरुआत दो अप्रेल को होगी, लेकिन गणगौर की सवारी 4 अप्रेल से शुरू होगी। दो अप्रेल शाम पांच बजे श्री द्वारकाधीश मंदिर के पास जलघरा घाट पर दीपदान के साथ महोत्सव का आगाज होगा। शाम सात बजे मेला ग्राउण्ड श्री बालकृष्ण स्टेडियम में भव्य आतिशबाजी की जाएगी। अगले दिन 3 अप्रेल को मंच पर स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 4 अप्रेल को शाम 4 बजे प्रभु श्री द्वारकाधीश मंदिर से चूंदड़ी गणगौर की सवारी निकलेगी। 5 को हरी गणगौर एवं 6 अप्रेल को गुलाबी गणगौर की सवारी पूरे ठाठ-बाट और परंपरा के साथ निकाली जाएगी। सेवरा लिए बालिकाएं, हाथी, घोड़े, ऊंट, रथ, शृंगारित गणगौर प्रतिमाएं, ढोल-नगाड़े, बैण्ड, पलटन आदि के साथ ही कई नए आकर्षण भी रहेंगे।
तैयारियां जोरों पर
मेला ग्राउण्ड के साथ ही सवारी के मार्ग में तैयारियां जोरों पर चल रही है। मार्ग में डेकारेशन किया जा रहा है, वहीं ग्राउंड में भी डेकोरेशन और लाइटिंग के साथ ही पाण्डाल एवं स्टेज निर्माण का कार्य जोरों पर चल रहा है। डोलर-चकरी वालों ने भी अपना काम शुरू कर दिया है।

सवारी के ये होंगे खास आकर्षण
— 4 अप्रेल को टोंक के कच्छी घोड़ी कलाकार महेन्द्र अपने सात अन्य कलाकारों के साथ विशेष प्रस्तुति देंगे। खेरवाड़ा के 13 कलाकार गेर नृत्य की प्रस्तुतियां देते हुए चलेंगे।
—अलवर के भपंग वादक महमूद खान भपंग के सुर बिखेरेंगे।
—बनय सिंह व रिम भवानी सहित अलवर के 8 कलाकारों द्वारा विभिन्न प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
—अजमेर के वीरेन्द्रसिंह सहित दस कलाकारों की टीम घूमर नृत्य की प्रस्तुति देगी।
—बांसवाड़ा के नारायण डामोर की टीम के 13 कलाकार डांगली डोला नृत्य की प्रस्तुतियां देंगे।
—जयपुर के मेहमूद सहित उनके 6 कलाकरों की टीम बहरूपिए के रूप में लोगों का मनोरंजन करेंगे।
— अजमेर के वीरेन्द्र सहित 12 कलाकारों द्वारा चारी डांस किया जाएगा।
—बाड़मेर के पुष्कर व प्रदीप सहित 15 कलाकारा चारी, घूमर और भवई नृत्य की प्रस्तुति देंगे।
—जयपुर के रतनलाल सहित 7 कलाकारों की टीम कच्छी घोड़ी नृत्य की प्रस्तुति देंगे।
—जयपुर की प्रसिद्ध नृत्यांगना गुलाबो द्वारा भी 15 कलाकारों की टीम के साथ विभिन्न राजस्थानी नृत्यों की प्रस्तुतियां दी जाएगी।
—भरतपुर के सतीश कुमार अपने 12 साथी कलाकारों के साथ बृज की फूलों की होली की विशेष नृत्य के साथ प्रस्तुतियां देंगे।

यह होंगे मंच के कार्यक्रम
3 अप्रेल : स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। 4 अप्रेल को भजन संध्या में मध्यप्रदेश के गायक किशन भगत, बीकानेर की कौशल्या रामावत, उदयपुर की मधुबाला राव, मंजू गुर्जर सहित साथी कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।
5 अप्रेल : रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुंबई का शंभू एण्ड ग्रुप, तानुरा एक्ट इंटरनेशनल आर्टिस्ट ग्रुप, भोपाल का मून वॉकर डांस ग्रुप, बरेडिया के कॉमेडियन धारसी, गायक महेन्द्र भट्ट, एंकर लविना, ऑरकेस्ट्रा बैण्ड एवं मल्लखंभ आर्ट ग्रुप के कलाकार रंगारंग प्रस्तुतियां देंगे।
कवि सम्मेलन में आएंगे ये कवि
6 अप्रेल : रात अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन होगा, जिसमें नई दिल्ली के प्रख्यात हास्य रचनाकार सुरेन्द्र शर्मा, जयपुर के हास्य कवि संपत सरल, अलवर के वीररस के कवि विनीत चौहान, हाथरस के पदम अल्हड़, केकड़ी के बुद्धिप्रकाश दाधीच, मंदसौर के मुन्ना बैटरी, ऋषभदेव के बलवंत बल्लू, इंदौर के अतुल ज्वाला, चित्तौडग़ढ़ के मेवाड़ी भाषा के कवि सोहन चौधरी, मथुरा की पूनम शर्मा, मध्यप्रदेश की वीररस की रचनाकार प्रेरणा ठाकरे, गौरव पालीवाल कांकरोली, कोटा के मारुति नंदन एवं कांकरोली के हास्य कवि सुनील व्यास रचनाएं प ढ़ेंगे।

प्रबुद्धजनों की हुई बैठक
श्री बालकृष्ण विद्याभवन स्कूल में शहर के प्रबुद्धजनों की बैठक में तैयारियों पर चर्चा की गई। प्रबुद्धजनों से उनके सुझाव भी लिए। मुख्य रूप से सवारी निकलने के बाद प्रभु द्वारकाधीशजी की छवि को वापस मंदिर पहुंचाने के दौरान उसके साथ हाथी-घोड़े व पलटन को भी मंदिर तक भेजने का सुझाव आया। बैठक में सभापति अशोक टांक, उपसभापति चुन्नीलाल पंचोली, आयुक्त जनार्दन शर्मा सहित कई प्रबुद्धजन मौजूद थे।