4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

किसान को रुलाकर, राहगीरों के निकाल रहा आंसू

फसलों के लिए घातक मोयला, लोगों के लिए भी बना आफत
2 min read
Google source verification
Rajsamand news,Rajsamand Hindi news,Rajsamand local news,rajsamand latest news,rajsamand latest hindi news,

किसान को रुलाकर, राहगीरों के निकाल रहा आंसू

राजसमंद. इसबार जिले में चली शीत लहर ने किसानों और आमजन को हलकान कर दिया। वर्षों बाद दिसम्बर माह में तापमान माइनेस रहने से जमकर पाला गिरा, जिससे फसलों पर मोयले का प्रकोप बढ़ा, अब धूप खिलने पर मोयला फसलों से उड़कर आबादी की ओर आ रहा है। किसान का रुलाने के बाद अब राहगीरों, दुपहिया वाहन चालकों की आंखों में जाकर आंसू निकाल रहा है। हालांकि अभी भी कुछ सरसों सहित फूलदार फसलों पर इसका प्रकोप बना हुआ है।


फूलदार फसलों के लिए घातक है मोयला
रबी की प्रमुख फसल में सरसों का नाम आगे आता है। इस फसल की बुवाई किसान सितंबर के दूसरे सप्ताह से नवम्बर तक करता है। ऐसे में जिन किसानों ने यह फसल सितंबर के दूसरे सप्ताह और अक्टूबर के दूसरे सप्ताह के बीच कर ली थी उनकी फसल में मोयला का प्रकोप नहीं है। अक्टूबर के अंत से नवंबर के बीच जिन किसानों ने इसकी बुवाई की है, उन्हें मोयला का प्रकोप झेलना पड़ रहा है। कारण पीले खिले फूल हैं। बाद में बोई गई सरसों में अभी भी फूल हैं, जिससे मोयला फूल सहित पौधे को काफी नुकसान पहुंचा रहा है। यह पौधे के फूल, पत्ती, तना और फली का रस चूसकर उसे नुकसान पहुंचाता है। बताया जाता है कि दिन का तापमान एकाएक बढऩे से मोयले के पंख निकल आते है, जिससे वह उड़कर आबादी की ओर आता है।


ऐसे करें बचाव...
कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनीराम ने मोयला ज्यादातर फूलदार फसलों को नुकसान पहुंचाता है। यह मेथी, सरसो, सब्जियों व फूलों की फसल के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक है। कईबार यह गेहूं को भी नुकसान पहुंचाता है। उनका कहना है कि जब मोयले के पंख निकल आते हैं तो यह फसलों को कम तबाह करता है, और उडऩे लगता है। फिरभी अगर मोयले काप्रकोप दिखे तो बचने के लिए किसानों को सरसों की फसल पर एमिडाक्लोफिरिड, एसएल सही अनुपात में लेकर छिड़काव करना चाहिए। साथ ही अन्य कई रसायनिक पदार्थ आते हैं, जिनके छिड़काव से भी मोयले का प्रकोप कम हो जाता है।


आबादी का किया रुख
कृषि उपनिदेशक रविंद्र कुमार वर्मा का कहना है कि मोयला अब खेतों से आबादी की ओर आ रहा है। हवा के साथ यह दूसरे जिलों से भी यहां आ जाता है।


आंखों में लगाएं चश्मा...
सीएमएचओ डॉ. पंकज गौड़ का कहना है कि मोयला आंखों के लिए काफी हानिकारक है। ऐसे में घर से निकलते समय आंखों पर चश्मा चरूर लगाएं, अगर दुुपहिया वाहन चलाना है तो हेलमेट या चश्मा के बिना बिल्कुल भी नहीं निकलें। अगर आंखों में मोयला चला जाए तो आंखों को ठंडे पानी से धोए, आंख को मसले नहीं।

बड़ी खबरें

View All

राजसमंद

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग