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राजसमंद अरबन बैंक में धूल फांक रहा 15 लाख का एटीएम

मौजूदा अध्यक्ष ने पहले कार्यकाल में बिना जरूरत की खरीद, एक दशक से उपयोग नहीं
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राजसमंद अरबन बैंक में धूल फांक रहा 15 लाख का एटीएम

राजसमंद. राजसमंद अरबन कॉपरेटिव बैंक लिमिटेड में बिना जरूरत के खरीदी एटीएम (ऑटोमेटिक ट्रेलर मशीन) करीब एक दशक से धूल फांक रही है। मौजूदा अध्यक्ष के पहले कार्यकाल में खरीदी इस मशीन का आज तक कोई उपयोग नहीं हो सका। इसके चलते बैंक के करीब 15 लाख रुपए से ज्यादा रुपए डूब गए। गंभीर अनियमितता उजागर होने के बाद विधानसभा में भी मुद्दा उठा और जवाब तलब किया। इसके बावजूद अरबन बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष- सीईओ द्वारा भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। जानकारी के अनुसार एक दशक पहले राजसमंद अरबन कॉपरेटिव बैंक में बगैर जरूरत के एटीएम मशीन की खरीद डाली, जो अभी तक बैंक के प्रधान कार्यालय में धूल फांक रही है और कोई उपयोग नहीं हो सका। करीब 15 लाख से ज्यादा की कीमत में खरीदी गई एटीएम मशीन उपयोग के अभाव में ही भंगार होने की स्थिति में पहुंच गई। मशीन की अनियमितता उजागर होने के बावजूद तत्कालीन व मौजूदा अध्यक्ष स्वयंभू शर्मा, निलंबित सीईओ शर्मा, वर्तमान सीईओ जीयाराम विश्नोई तक दबाने में जुटे रहे। इसके चलते अभी तक न तो बिना जरूरत एटीएम मशीन खरीदने वालों से कोई वसूली हो सकी और न ही कोई ठोस कार्रवाई। खास बात यह है कि बिना जरूरत के एटीएम मशीन खरीदने वाले मुरलीधर भाटिया वर्तमान में बैंक के अध्यक्ष है। इससे पूरे बैंक प्रबंधन की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है।

बैंक फायदे से नहीं मतलब
अध्यक्ष, सीईओ व कार्मिकों को राजसमंद अरबन बैंक के लाभ-हानि से कोई मतलब नहीं रहा। तभी सीईओ खुद की बेटी के कमीशन के खातिर लाखों रुपए की अनियमित एफडी बजाज एलियांज में करवा ली। इसी तरह बिना जरूरत एटीएम मशीन खरीद ली और इसी तरह बैंक शाखा दफ्तरों में भी फर्नीचर सहित कई सामग्री बगैर जरूरत के खरीद ली।

उठी थी आवाज, दब गई
बिना जरूरत एटीएम मशीन खरीदने पर बैंक के कई सदस्यों ने विरोध कर आवाज उठाई थी, मगर तत्कालीन व मौजूदा अध्यक्ष, सीईओ ने शिकायतें रफा-दफा कर ली। इसकी शिकायत प्रशासन तक पहुंचने के बाद जांच भी हुई, मगर ठोस परिणाम नहीं आ पाए।