
अचानक फटा कार का टायर, हादसे में सरपंच पति की हुई मौत, एक घायल
लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद
गुंजोल से अनंता हॉस्पीटल तक 45 किमी. तक फोरलेन पर आठ माह में हुए दोबारा सर्वे में दुर्घटना संभावित स्थल (ब्लैक स्पॉट) की संख्या दोगुना से भी ज्यादा हो गई। पिछले सर्वे में राज्य रोड सेफ्टी दल के विशेषज्ञ भी साथ थे, जबकि इस बार पुलिस, प्रशासन, परिवहन, पीडब्लूडी, एनएचएआई के अधिकारियों ने संयुक्त सर्वे किया। गत सर्वे के मुकाबले इस बार सात नए ब्लैक स्पॉट चिह्नित हुए, जहां कई लोगों की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार अनंता हॉस्पीटल के बाहर से सुबह 11 बजे सर्वे शुरू हुआ। दुर्घटना संभावित स्थलों पर आधे घंटे तक फोरलेन पर रूके गए और आने जाने वाले वाहनों का अध्ययन किया। नाथद्वारा उपखंड अधिकारी निशा के साथ पुलिस, प्रशासन, सार्वजनिक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम ने अनंता हॉस्पीटल से गुंजोल चौराहे तक 11 स्थल चिह्नित किए। सर्वे में जिला परिवहन अधिकारी अनिल पंड्या, नाथद्वारा पुलिस उप अधीक्षक रोशनलाल, सीआई जितेंद्र आंचलिया, देलवाड़ा थाना प्रभारी मुकेशचंद्र खटीक, सार्वजनिक निर्माण विभाग नाथद्वारा सहायक अभियंता भानु माथुर व एनएचएआई के टीम लीडर भी साथ थे।
ये है ब्लैक स्पॉट
पहले ये थे : गुंजोल, राबचा, नाथूवास, लाल मादड़ी
अब ये जुड़े : अनन्ता हॉस्पीटल, लीलेचा (बरवा चौराहा), बिलोता ढलान, मजेरा चौराहा, नेगडिय़ा चौराहा, लालबाग पुलिया, राबचा चक्की कट
तेज रफ्तार ही हादसे का कारण
हाइवे पर दुर्घटना के मुख्य कारण वाहनों की तेज रफ्तार ही सामने आई। इसके अलावा जहां हादसे हो रहे, वहां कट, सर्विसलेन का अभाव है। ऐसे में सर्वे दल द्वारा सुझाव दिया कि स्पीड बे्रकर प्रतिबंधित होने से रम्बल व प्लास्टिक बे्रकर लगाए जाए।
पुराने-नए सर्वे में ये है फर्क
18-19 जून 2018 को सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय जोधपुर के सड़क सुरक्षा केन्द्र समन्वयक पे्ररणासिंह के नेतृत्व सर्वे हुआ। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार ब्लैक स्पॉट की गाइडलाइन वर्षभर में पांच से अधिक मौत होने वाले जगहों को चिह्नित किया गया, जिसमें 4 जगह को ब्लैक स्पॉट चुना गया। अब दोबारा सर्वे में संयुक्त सर्वे दल ने इस बार का मानक एक ही जगह पर वर्षभर में 3 से ज्यादा हादसे व 3 की मौत वाले स्थल को ब्लैक स्पॉट में शामिल किया।
हादसे के कारण, सुझाव भी
गुंजोल चौराहे से अनंता हॉस्पीटल तक सर्वे किया। सर्वे में हादसे के कारण के साथ हादसे से बचाव के लिए सुझाव भी सूचीबद्ध किए हैं। सर्वे पूरा होने के बाद इसकी रिपोर्ट जिला कलक्टर को पे्रषित की जाएगी।
अनिल पंड्या, जिला परिवहन अधिकारी राजसमंद
Published on:
07 Mar 2019 09:26 am
