1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

झाडू बेचकर करते गुजर-बसर, टूटा दुखों का पहाड़…पढ़े पूरी खबर

झाडू बनाकर गुजर बसर करने वाले परिवारों के तीन बच्चों की एनिकट में डूबने से मौत होने के कारण परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बच्चों की मौत के बाद सदमें आए परिवारों को संभालना मुश्किल हो गया।

2 min read
Google source verification

एनिकट में डूबने में बच्चों की मौत के बाद विलाप करते परिजन

लसानी. क्षेत्र के दाता का देव एनिकट पर हादसे में सोमावर शाम को रपट से बहे तीनों मृत बच्चों के शव मिलने के बाद मंगलवार को मौके पर उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और उनके करूण क्रंदन को देखना तथा उन्हें संभालना लोगों के लिए काफी मुश्किल हो गया। वागरिया समाज के एक ही परिवार के तीन बच्चों की दाता का देव एनिकट पर पानी में डूबने से मौत हो गई। बच्चों की एनिकट की रपट से बहकर डूबने से मौत की सूचना जैसे की ग्रामीणों को लगी गांव में शोक की लहर छा गई। वहीं, मंगलवार को तीनों बच्चों के शव मिलने पर ग्रामीणों की आखें भी नम हो गईं। हादसे में मृत लसानी निवासी राजू लाल ( 13) पुत्र मोहन लाल के चार भाई हैं, इनमें राजू सबसे बड़ा है और उसकी तीन बहन हैं। उसके माता-पिता झाड़ू बनाने और मजदूरी का कार्य करते हैं। ये झाड़ू बनाने के बाद उसे बेचने के लिए जयपुर और दिल्ली तक भी जाते है। वहीं, मृतका रेखा (13 ) पुत्री भंवरलाल के तीन बहनें और एक भाई हैं। इसके माता-पिता भी झाड़ू बनाने का कार्य करते हैं। दोनों मृतकों के माता-पिता पिछले एक साल से लसानी अपने घर पर ही थे और लसानी में दैनिक मजदूरी करके गुजारा चला रहे हैं। वहीं, सोपरी दौलपुरा निवासी रेखा (12 )पुत्री सोहन वागरिया दो भाई और दो बहनो में रेखा सबसे छोटी थी। उसके माता-पिता भी झाड़ू बनाने का कार्य करते हैं। ऐसे में तीनों ही मृतकों के परिवारों की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। उनके पास रहने के लिए भी एक ही कमरा है। हादसे के बाद से ही उनके माता-पिता के साथ ही अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया।

पहले दोनों बालिकाएं बही तो लडक़े ने किया था बचाव का प्रयास

प्रत्यक्षदर्शी शारूख शाह, समीर शाह व सफराज शाह के अनुसार उन्होंने बच्चों को तेज बहाव में रपट पार करने से मना किया था, लेकिन वे पानी की तेज आवाज में उनकी आवाज नहीं सुन पाए और रपट पार करने लगे थे। ऐसे में रपट पर थोड़ा आगे चलते ही सबसे पहले एक लडक़ी का बैलेंस बिगड़ा और वह नीचे गिरने लगी तो दूसरी बच्ची का भी बैलेंस बिगड़ गया। ऐसे में इन दोनों को बचाने के लिए राजू ने उनका हाथ पकड़ा, लेकिन तेज बहाव के कारण उसका भी संतुलन बिगड़ गया, जिससे तीनो ही पानी गिरने के बाद बह गए लगे।