
PATRIKA IMPACT : शिशोदा भैरूजी मंदिर में तहसीलदार लगाएंगे भेंटपेटी, बैंक खाता खुलवाकर सूचीबद्ध करेंगे सम्पत्ति
राजसमंद. शिशोदा में स्थित श्री क्षेत्रपाल भैरूजी मंदिर में लंबे समय से पुजारी की चल रही धांधली के बाद अब प्रशासन ने अपने अधीन लेने की कार्रवाई शुरू कर दी। इसके लिए उपखंड कार्यालय नाथद्वारा में एसडीएम निशा की अध्यक्षता में आयोजित विशेष बैठक में विशेष कमेटी गठित कर नाथद्वारा तहसीलदार को कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। अब तहसीलदार द्वारा एक माह की समयावधि में भेंटपेटी लगाने, बैंक खाता खोलने के साथ ही मंदिर विकास व प्रबंधन व्यवस्था कमेटी के अधीन करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नाथद्वारा के उपखंड कार्यालय में एसडीएम निशा की अध्यक्षता में ठीक 11 बजे बैठक शुरू हुई। बैठक में देवस्थान निरीक्षक एचएस पांडे ने बताया कि ट्रस्ट गठन के आवेदन आए, मगर अध्यक्ष व पुजारी ग्रामीणों की आपत्तियों का जवाब नहीं दे पाए। साथ ही भेंटपेटी व सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे। कुछ यही तथ्य पुलिस व प्रशासन की जांच भी सामने आए। इस पर एसडीएम ने पारदर्शिता के लिहाज से मंदिर कमेटी का गठन अनिवार्य बताया। कमेटी व ट्रस्ट गठन को लेकर पुजारियों के साथ कुछ ग्रामीणों ने आनाकानी भी की, मगर एसडीएम ने शिशोदा मंदिर प्रबंधन कमेटी गठित कर तहसीलदार को अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। एसडीएम ने एक माह की समयावधि में शिशोदा के क्षेत्रपाल भैरूजी मंदिर में भेंटपेटी लगाने के निर्देश दिए। तहसीलदार के साथ कमेटी के सभी सदस्य मंदिर में भेंटपेटी लगाने की जगह तय करेंगे। फिर भेंटपेटी की चाबी तहसीलदार के पास रहेगी। मंदिर में प्रमुख जागरण से पहले भेंटपेटी खोलकर नकद राशि गिनकर बैंक खाते में जमा करवा दी जाएगी। मंदिर प्रबंधन कार्य के लिए विधिवत रसीद बुक प्रकाशित कर करीब 13 रजिस्टर खोले जाएंगे।
मंदिर कमेटी में होंगे प्रमुख सदस्य
शिशोदा मंदिर प्रबंधन समिति अध्यक्ष तहसीलदार होंगे, जबकि पंचायत समिति खमनोर विकास अधिकारी, उप कोषाधिकारी नाथद्वारा, खमनोर थाना प्रभारी, सरपंच, ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी स्थायी सदस्य होंगे। इसके अलावा कुछ पुजारी व ग्रामीणों के अस्थायी सदस्य कमेटी अध्यक्ष व स्थायी सदस्यों की सर्वसहमति से नियुक्त किए जाएंगे।
आखिर रंग लाई पत्रिका की मुहिम
राजस्थान पत्रिका में 14 नवंबर 16 को ‘शिशोदा मंदिर की आय का हिसाब मांगा...’, 17 नवंबर 16 को ‘दब गए आदेश, समिति गठन तक नहीं...’, 30 नवंबर 16 को ‘रिकॉर्ड संधारण के लिए बनेंगे 13 रजिस्टर...’, 5 जनवरी 17 को ‘नाथद्वारा नायब तहसीलदार ने देखी चढ़ावे की धांधली...’, 22 जनवरी 17 को ‘व्यवस्था की पारदर्शिता का विरोध क्यों?...’, 27 मार्च 2017 को ‘शिशोदा मंदिर की दोबारा जांच...’ सरीखे शीर्षक से कई खबरें प्रकाशित की। पत्रिका द्वारा लगातार दो साल से फॉलोअप करने पर उपखंड अधिकारी नाथद्वारा कड़ा कदम उठाते हुए तहसीलदार को अध्यक्ष नियुक्त कर दिया।
कमेटी तय करेगी पुजारी का मानदेय
शिशोदा मंदिर में भेंटपेटी, सीसीटीवी कैमरे लगाने के बाद कमेटी की बैठक में पुजारी व अन्य कार्मिकों का मानदेय तय किया जाएगा। मंदिर विकास व अन्य कार्यों के लिए सारा भुगतान बैंक चैक से किया जाएगा। साथ ही मंदिर विकास के लिए कोई चढ़ावा राशि की बकायदा रसीद काटी जाएगी।
मंदिर में पारदर्शिता ही प्राथमिकता
शिशोदा मंदिर में पारदर्शिता के लिए कमेटी गठित कर तहसीलदार को अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। एक माह की समयावधि में भेंटपेटी लगाने के साथ अन्य लेखा रिकॉर्ड संधारित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। बैंक खाता खुलने के बाद सभी कार्य रिकॉर्ड में होंगे, जिससे किसी भी तरह की धांधली की संभावना ही नहीं रहेगी।
निशा, उपखंड अधिकारी नाथद्वारा
Published on:
17 Aug 2018 11:20 am
