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BIRBAL BADSHAH SAWARI : गढबोर में ठाठ बाट से निकली बीरबल- बादशाह की शाही सवारी : बीरबल ने लोगों पर मारे कोड़े

शीतला अष्टमी पर जैन समुदाय की ओर से निकाली सवारी

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चारभुजा. धर्मनगरी स्थित चारभुजा मंदिर में चल रहे फागोत्सव के तहत शीतला अष्टमी पर परंपरागत रूप से जैन समुदाय द्वारा बीरबल बादशाह की शाही सवारी शुक्रवार को निकाली गई। रंग खेलने के बाद शाम 4 बजे होली चौक पर सभी समुदायों के लोग एकत्रित हुए। यहां बीरबल बने कलाकार ने दुकानों पर जाकर सभी व्यापारियों सहित ग्रामीणों को शाही सवारी में आने के लिए सचेत किया। वहीं, बादशाह बने कलाकार लक्ष्मण सरगरा ने बादशाह की विचित्र वेशभूषा पहनी। बादशाह को वाहन के ऊपर बैठाया गया और 4.30 बजे शाही सवारी रवाना हुई। बीरबल बना कलाकार बाबूलाल डाकोत जोकर के स्वंाग के साथ हाथ में कौड़ा लेकर भीड़ में कौड़े की मार का प्रसाद देते हुए मनोरंजन कर रहा था। वहीं, बादशाह भीड़ को विशेष अंदाज में अंगूठा बताते हुए सभी का कुछ इस तरह से मनोरंजन कर रहा था कि मौजूद लोग हंसी नहीं रोक पा रहे थे। जैन समुदाय द्वारा भीड़ पर गुलाल उड़ेलते हुए सभी को केसरिया रंग से सराबोर कर दिया गया। भीड़ में हर व्यक्ति कौड़े का प्रसाद चखने को लालायित दिखाई दिया। इस बार किन्नरों के इस सवारी में नहीं आने से थोड़ी रौनक प्रभावित हुई। वहीं, लोग किन्नरों के साथ नृत्य करने से भी वंचित रह गए। शाही सवारी ब्राह्मणों का चौराहा, मीरा बाई चौक, मंदिर चौक, सराय चौक होते हुए पुन: होली चौक पहुंची। इस दौरान जैन समुदाय की ओर से मनोहरलाल सर्राफ, कन्हैयालाल कावडिय़ा, नानालाल जैन, ईश्वरलाल कावडिय़ा, प्रकाश सिंघवी, रमेशचन्द्र पटवारी, सुनील जैन, धर्मचन्द कावडिय़ा सहित बड़ी संख्या में लोग व्यवस्था में लगे हुए थे।

सोने की पालकी में झूले बाल स्वरूप
शीतला अष्टमी पर्व से फागोत्सव में चल रहे झूले के दर्शन में शुक्रवार से चारभुजानाथ मंदिर में बाल प्रतिमा को सोने की पालकी में बिराजित कराकर शृंगार के विशेष दर्शन हुए। दर्शन अपरान्ह 3 से शाम 6 बजे तक खुले रहे। सोने की पालकी में झूले के दर्शन चतुर्दशी तक चलेंगे। वहीं, सैवन्त्री रूपनारायण में अमावश्या तक फाग मेले के दर्शन होंगे। महिलाओं ने तडक़े से ही शीतना माता की पूजा का दौर शुरू किया, जो सुबह तक चलता रहा। नए-वस्त्राभूषणों में सजकर महिलाएं स्थानकों पर पहुंची, जहां पूजा कर स्वयं के व परिवार के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। धर्मनगरी में एक ही स्थानक पर पूजन होने से महिलाओं की कतार लगी रही।

दशामाता की कथा में उमड़ रही महिलाएं
भीम. कस्बे में होली के बाद से दशामाता व्रत कथा को सुनने महिलाओं की खासी भीड़ उमड़ रही है। शुक्रवार को गुड़लिया निवास पर कथा का दौर जारी रहा, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। आज राजा नल और दमयन्ती की कथा सुनाई गई। इस दौरान बाली गुडलिया, पारस कोठारी, बसंता गन्ना, सुशीला गुडलिया, सुगनी नंगावत, किरण जैन, ममता गुडलिया, समता गुडलिया, प्रतिभा कोठारी, भावना गन्ना, मीना गन्ना, चंचल गन्ना, अनिता नंगावत आदि मौजूद थी।

पीपली आचार्यान. शीतला अष्टमी पर शुक्रवार को पीपली अहिरान व ओड़ा ग्राम पंचायत में सुबह से बच्चों से लेकर बड़े तक होली खेलने में मशगुल रहे। पूर्बिया मोहल्ला स्थित शिव मंदिर चौक में गुरुवार रात को गेर नृत्य के आयोजन में ग्रामीणों की खासी भीड़ रही। लालुराम पूर्बिया ने बताया कि गेर नृत्य देर रात तक चलता रहा। भाटोली के लक्ष्मीनारायण मंदिर चौक में शुक्रवार को गेर नृत्य हुआ। नारायण देराश्री, दीपक देराश्री, लीलाधर देराश्री, भेरूलाल टेलर, कैलाश सेन, राजेन्द्र देराश्री, नीतेश देराश्री, सूरज कुमावत, कमल देराश्री, कन्हैया सेन, हरिओम देराश्री, गौरव प्रकाश देराश्री, नारायण कुमावत, छोटू सेन व ग्रामवासी उपस्थित थे।