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Summer Vacation Holiday 2024: आज से स्कूलों की 45 दिन की छुट्टी, जानें शिक्षकों के लिए कितनी राहत

राजस्थान के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिविरा पंचांग के अनुसार ग्रीष्मकालीन अवकाश आरंभ हो गया है।

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School Holiday 2024

राजसमंद । राजस्थान के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिविरा पंचांग के अनुसार 17 मई से 23 जून 2024 तक शिक्षकों के लिए और 16 मई से 30 जून 2024 तक विद्यार्थियों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश आरंभ हो गया है। हालांकि शिक्षकों को मुख्यालय छोड़ने की अनुमति सशर्त दी जा रही है। 18वीं लोकसभा चुनाव की मतगणना दिवस 4 जून 2024 में जिन कार्मिकों की ड्यूटी है अथवा अन्य कोई विभागीय कार्य हैं, उनको मुख्यालय पर ही रहना होगा। इसके अलावा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विद्यालय में उपस्थिति देनी अनिवार्य होगी।

राजस्थान में भीषण गर्मी, लू एवं अंधड़ के चलते कुछ जिलों में विद्यार्थियों की छुट्टियां पहले से ही आरंभ कर दी है और कुछ में विद्यालयों के समय में परिवर्तन किया था । ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान राजस्थान के लाखों सरकारी विद्यालयों में ताले टूटने व चोरी होने की वारदातें विगत कोरोना काल के बाद से तेजी से बढ़ी है और जब चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले संदिग्ध लोगों के खिलाफ जब संबंधित संस्थाओं के संस्था प्रधान, शिक्षक व विद्यालय विकास समिति के सदस्य संबंधित थानों में परिवाद या एफआईआर दर्ज करवाने जाते हैं तो वोट बैंक की राजनीति के चलते और राजनेताओं के हस्तक्षेप के कारण, उनकी एफआईआर तक दर्ज नहीं होती है और प्रकरणों में लीपा पोती कर दी जाती है ।

ऐसे में सरकार को चाहिए कि प्रदेश की सभी सरकारी विद्यालयों में रखे रिकॉर्ड, कंप्यूटर लैब, टीवी, एलइडी, खेल सामग्री, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पोषाहार पकाने के बर्तन व गैस सिलेंडर, खाद्यान्न दूध पाउडर सहित अन्य बेसकीमती सामग्रियों की सुरक्षा हेतु पुलिस प्रशासन की रात्रि कालीन गस्त के राउंड बढ़ाए जाने चाहिए। इस हेतु शिक्षक नेता कैलाश सामोता ने सजग व संवेदनशील शिक्षक दल के साथ कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ को यह बात संज्ञान में लाई क्षेत्र में विशेष कर छुट्टियों के दौरान विद्यालयों में होने वाली चोरियों पर लगाम लगाई जाए।

सामोता ने बताया कि राजसमंद जिले में अरावली पर्वत श्रृंखला का फैलाव सर्वाधिक है, जो भौगोलिक दृष्टि से विषम परिस्थितियों वाला जिला है, जहां घने जंगलों व ऊंचे मगरो के बीच विद्यालय स्थित है । ऐसे में विशेष कर ग्रीष्मकालीन अवकाश या शीतकालीन अवकाश या मध्यावधि अवकाश के दौरान विद्यालयों में चोरी की वारदातों को अंजाम देना आम बात हो गया है, जिन पर लगाम लगाने के लिए पुलिस की रात्रि कालीन गस्त या दौरे बढ़ाये जाएं तथा संदिग्ध व्यक्तियों की धरपकड़ की जाए । ताकि विद्या के मंदिरों में आए दिन होने वाले चोरों की वारदातों पर अंकुश लग सके।