
सेमा उप सरपंच की मौत के बेपर्दा करेगी एफएसएल और डॉग स्क्वायड के जांच परिणाम
राजसमंद. सेमा उप सरपंच राकेश श्रीमाली का शव रविवार सुबह खेत पर स्थित पेड़ से लटका मिलने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना के बाद एएसपी मनीष त्रिपाठी के साथ तीन थानों का जाब्ता मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का माना, मगर परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए विरोध किया। तब एएसपी मनीष त्रिपाठी के साथ तीनों थानों का जाब्ता पहुंच गया। बाद में एफएसएल दल व डॉग स्क्वायड के पहुंचकर जांच करने पर शाम करीब छह बजे फंदे से उतार कर शव का पोस्टमार्टम करवाया गया।
पुलिस के अनुसार सेमा निवासी राकेश श्रीमाली (56) पुत्र श्रीलाल श्रीमाली शनिवार रात दस बजे भी घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उनके मोबाइल पर कॉल किया, मगर मोबाइल स्वीच ऑफ होने से बात नहीं हो सकी। परिजनों ने रात को ही थाने में सूचना देने के साथ तलाश शुरू कर दी, मगर रविवार सुबह आठ बजे तक भी कोई पता नहीं चल पाया। इस पर पुलिस ने गुमशुदगी का प्रकरण दर्ज करने के बाद परिजनों के साथ तलाश शुरू कर दी। सेमा गांव में ईंट भट्टा के पास बाइक दिखी, तब परिजनों व पुलिस ने आस पास के खेतों को तलाशा, तो एक खेत पर बबूल के पेड़ से रस्सी के फंदे पर उनका शव लटका मिला। इस पर खमनोर थाना प्रभारी पेशावर खान मय जाब्ते के घटना स्थल पर पहुंच गए। बाद में राजसमंद से एएसपी त्रिपाठी के अलावा राजसमंद डीएसपी राजेंद्रसिंह, नाथद्वारा सीआई महिपालसिंह व देलवाड़ा का जाब्ता भी पहुंच गया। घटना स्थल पर पजिनों ने हत्या की आशंका जताई, तो उदयपुर से एफएसएल टीम ने पहुंचकर तहकीकात के लिए आवश्यक साक्ष्य जुटा लिए। बाद में परिजन व गांव के लोग डॉग स्क्वायड से जांच की मांग पर अड़ गए। तब चित्तौडग़ढ़ जिले से शाम करीब छह बजे डॉग स्क्वायड टीम पहुंची और घटना स्थल की समग्र पहलुओं पर जांच के बाद शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खमनोर के मुर्दाघर में रखवा दिया। शाम करीब सात बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। साथ ही तुषार श्रीमाली की रिपोर्ट पर खमनोर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
देर रात किया अंतिम संस्कार
खमनोर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद करीब साढ़े सात बजे शव सेमा में घर लाया गया, जहां से करीब आठ बजे अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए। फिर पुलिस जाब्ते के साथ सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान श्री श्रीमाली संस्था मेवाड़ अध्यक्ष डॉ. मोहनलाल श्रीमाली, राजेन्द्र श्रीमाली, यूआईटी चैयरमेन रविन्द्र श्रीमाली, कांगे्रस नेता सुरेश श्रीमाली, नेता प्रतिपक्ष दिनेश श्रीमाली, रमेश श्रीमाली, मनीष श्रीमाली, राजसमंद अध्यक्ष लोकेश श्रीमाली थे।
रात नौ बजे खमनोर से निकले
खमनोर में पूर्व सरपंच धापूबाई वीरवाल का निधन होने से उनके अंतिम संस्कार शामिल होने के बाद मृतक राकेश शनिवार रात 9 बजे खमनोर से सेमा घर जाने के लिए रवाना हुए थे। उनके परिजन भी सामाजिक कार्यक्रम उदयपुर गए थे, जहां से 10 बजे तक घर लौटे थे। फिर घर पहुंचकर परिजनों ने कॉल की, मगर मोबाइल बंद होने से संपर्क नहीं हो सका।
तीन दशक से राजनीति में सक्रिय
राकेश श्रीमाली पंचायत की राजनीति में तीन दशक से सक्रिय थे। वे वर्तमान में सेमा के उप सरपंच थे। उससे पहले वर्ष 2010 से 2015 तक सरपंच रहे और वर्ष 2005 से 2010 तक उनकी पत्नी शारदादेवी सरपंच थी और वे उप सरपंच रहे। इसके अलावा 1990 के दशक से वे सेमा पंचायत की राजनीति में आ गए, जहां सरपंच बदल गए, मगर उप सरपंच हमेशा वे ही बने। परिवार में दो बेटे तनुज व तुषार व बेटी निधि है।
Published on:
02 Jul 2018 11:05 am
