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चारभुजा मंदिर की सुरक्षा दस वर्ष से मात्र दो सिपाहियों के भरोसे

पांच वर्ष से देवस्थान विभाग ने नहीं निकाली नियुक्तियां
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चारभुजा मंदिर की सुरक्षा दस वर्ष से मात्र दो सिपाहियों के भरोसे

लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद

चारभुजा. मेवाड़ व मारवाड़ क्षेत्र की आस्था स्थली गढ़बोर में प्रभु श्री चारभुजानाथ मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा देवस्थान के पास है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की अनदेखी से यहां सिर्फ दो सिपाही ही कार्यरत हैं। देवस्थान विभाग में करीब दस वर्ष से सिपाहियों व मुन्तजिम के पद रिक्त पड़े हैं। मुन्तजिम का पद रिक्त होने से पुजारियों के कई कार्य पूछताछ के कारण अटक जाते हैं, जिनके समाधान के लिए फोन से उदयपुर सम्पर्क करके करना पड़ता है और कई बार फोन से समाधान नहीं होने पर उदयपुर आयुक्त कार्यालय तक चक्कर लगाना पड़ता है। मंदिर के भण्डारी व पूर्व जिला उप प्रमुख मदनलाल गुर्जर व चारभुजा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच हीरालाल गुर्जर ने बताया कि विभाग द्वारा स्थानीय मंदिर में सिपाहियों के 16 पद स्वीकृत हंैं, लेकिन वर्तमान में मात्र 3 सिपाही ही कार्यरत हैं। इनमें एक सिपाही पार्किंग में वाहनों को व्यवस्थित कराने में लगा रखा है। इसके अलावा एक को मंदिर के मुख्य द्वार पर एवं एक दूसरे गेट पर तैनात है। इनकी सेवाएं 8 घन्टे के बजाय 12 घन्टे लगी हुई है। वहीं, मंदिर व्यवस्था को लेकर कई तरह की सेवाएं ऐसी भी होती है, जिनमें पुजारी के साथ सिपाहियो को रहना पड़ता है, लेकिन पद रिक्त होने से इसमें समस्या आती है। सिपाहियों व मुन्तजिम के रिक्त पदों को लेकर मंदिर ट्रस्टियों द्वारा कई बार विभाग के अधिकारियों को अवगत भी करवाया गया, लेकिन उनके द्वारा इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। बताया कि दो वर्ष पूर्व ठेके पर 5 अस्थायी सिपाहियों को लगाया गया था, जिनकी भी सेवाएं एक वर्ष से भी कम रही और उन्हें हटा दिया गया।

फागोत्सव में होगी दिक्कत
मंदिर में पन्द्रह दिवसीय फागोत्सव मेला शुरू होने वाला है। उसमें रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही रहेगी। ऐसे में मंदिर व्यवस्थाओं और सुरक्षा को लेकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

मुख्य द्वार पर न जांच न सीसी टीवी कैमरे
मंदिर में प्रवेश के मुख्य द्वार पर पूर्व में सुरक्षा जांच के लिए मेटल डिटेक्टर मशीन लगी हुई थी, लेकिन अब उसका भी पता नहीं है। वहीं, मंदिर परिसर व मुख्य द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिन्हें भी विभाग द्वारा पूरी तरह से बन्द कर देने से अब यहां की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है।