
छापरखेड़ी पुलिया से बहते पानी से गुजरते वाहन एवं स्कूली बच्चे
राजसमंद. राजसमंद झील को भरने वाली लाइफ लाइन गोमती नदी से पानी की अच्छी आवक जारी है। चारभुजा आदि क्षेत्रों में अच्छी बारिश से गुरुवार का गोमती का गेज एक फीट से अधिक चल रहा है। इससे झील का जलस्तर 23 फीट से अधिक हो गया है। राजसमंद झील में गोमती नदी और खारी फीडर से पानी की आवक होती है। पिछले करीब 18 दिनों से खारी फीडर और गोमती नदी से पानी की आवक जारी है। पिछले दो दिनों चारभुजा क्षेत्र में अच्छी बारिश होने के कारण सभी एनिकट भर गए हैं, इससे इनका पानी भी गोमती नदी में आ रहा है। इसके कारण गुरुवार को गोमती का गेज सुबह डेढ़ फीट तक बताया जा रहा था, दोपहर बाद गेज एक फीट से अधिक रह गया। गोमती का गेज बढऩे से ग्रामीण उसे देखने पहुंच गए। पानी का वेग बढऩे का कारण तासोल गांव में आवाजाही करने वाले ग्रामीणों को सर्वाधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूली बच्चों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा, वहीं कई दो पहिया वाहन बंद हो गए। उल्लेखनीय है कि अगस्त माह की शुरूआत में झील का जलस्तर 17 फीट था, जो बढकऱ अब 23 फीट से अधिक हो गया है, जबकि भराव क्षमता 30 फीट है।
चारभुजा क्षेत्र के जलाशयों का पानी राजसमंद झील में पहुंच रहा है। इसमें रोकडिय़ा हनुमान से बहने वाला झरना, सोनारी माता का झरना, बाथेला तालाब को लबालब कर गोमती नदी में मिल रहा है। इसी प्रकार लोर, उमरवास, निचला घाटडा, साथिया मेवाडिया घाटियों के झरने का पानी बहकर गोमती नदी में पानी के वेग को बढ़ा रहा है। इससे गोमती के गेज में लगातार पानी की आवक में तेजी बनी हुई है।
Updated on:
13 Sept 2024 12:55 pm
Published on:
13 Sept 2024 12:48 pm
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